Punjab Congress: पंजाब कांग्रेस में जारी गुटबाजी के बीच पार्टी के प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल ने चंडीगढ़ में नेताओं के साथ लगातार बैठकें कर मतभेद दूर करने की कोशिश की है। हालांकि करीब दो घंटे तक चली बैठक के बाद भी विवाद सुलझता नजर नहीं आया। अब बघेल अपनी रिपोर्ट कांग्रेस हाईकमान को सौंपेंगे, जिसके बाद आगे की रणनीति तय होगी।
वड़िंग और बागी गुट से अलग-अलग बैठक
भूपेश बघेल ने पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष राजा वड़िंग के समर्थक नेताओं और बागी गुट के नेताओं, जिनमें पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी भी शामिल हैं, से अलग-अलग मुलाकात की। शनिवार को चंडीगढ़ में बागी गुट के साथ करीब दो घंटे तक बैठक चली। बैठक में मौजूद बागी गुट के सांसदों और विधायकों ने राजा वड़िंग के नेतृत्व में काम करने से साफ इनकार कर दिया।
नेताओं ने खुलकर रखी अपनी बात
बैठक के दौरान नेताओं ने संगठन की मौजूदा स्थिति और नेतृत्व को लेकर अपनी राय खुलकर रखी। बैठक के बाद सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा की नाराजगी भी सामने आई। उन्होंने कहा कि उन्हें कंप्रोमाइज्ड लीडर नहीं चाहिए, बल्कि ऐसा प्रदेश अध्यक्ष चाहिए जो मजबूती से अपनी बात रख सके।
हाईकमान को सौंपी जाएगी पूरी रिपोर्ट
बैठक के बाद भूपेश बघेल ने कहा कि सभी नेताओं की बात सुनी गई है और पूरी रिपोर्ट कांग्रेस हाईकमान के सामने रखी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि ‘कोई भी कंप्रोमाइज्ड नेता नहीं चलेगा, कोई भी ये न सोचे कि उसके सिर पर किसी का हाथ नहीं है, मैं उसके साथ हूं।’ बघेल ने सभी नेताओं को भरोसा दिलाया कि उनकी बात हाईकमान तक पहुंचाई जाएगी।
नहीं रुक रही गुटबाजी
बैठकों का दौर खत्म होने के बाद भूपेश बघेल चंडीगढ़ से दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं। वहीं प्रदेश अध्यक्ष राजा वड़िंग और नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने पार्टी में सब कुछ सामान्य होने का दावा किया है। हालांकि बैठकों के बाद भी गुटबाजी खत्म होती नहीं दिख रही है और अब सबकी नजर कांग्रेस हाईकमान के फैसले पर टिकी हुई है।
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