US-Iran Tension: मिडिल ईस्ट में एक बार फिर युद्ध जैसे हालात बनते दिखाई दे रहे हैं। अमेरिका और ईरान के बीच पिछले कुछ दिनों से बढ़ा तनाव अब खुले सैन्य टकराव में बदलता नजर आ रहा है। ईरान ने रविवार को दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल होर्मुज स्ट्रेट को ‘अगली नोटिस तक’ बंद करने का ऐलान कर दिया। इसके कुछ ही घंटे बाद अमेरिका ने ईरान के कई सैन्य और रणनीतिक ठिकानों पर ताजा हवाई हमले किए। दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक तेल और गैस सप्लाई को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है।
क्यों बंद किया गया होर्मुज स्ट्रेट?
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना के अनुसार, एक जहाज ने समुद्री मार्ग का पालन नहीं किया और अपने नेविगेशन सिस्टम भी बंद कर दिए थे। चेतावनी दिए जाने के बावजूद जहाज ने अपना रास्ता नहीं बदला, जिसके बाद उसे निशाना बनाया गया। IRGC का यह भी दावा है कि कई अन्य जहाजों ने बिना मंजूरी वाले समुद्री मार्गों से गुजरने की कोशिश की। इसके बाद ईरान ने पूरे होर्मुज स्ट्रेट को अगले आदेश तक बंद करने का फैसला लिया।
अमेरिका और सहयोगी देशों को दी चेतावनी
ईरान ने साफ कहा है कि जब तक क्षेत्र में अमेरिकी दखल खत्म नहीं होता, तब तक होर्मुज स्ट्रेट नहीं खोला जाएगा। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई जारी रहती है तो पूरे क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों और उसके सहयोगी देशों के सैन्य अड्डों को भी निशाना बनाया जाएगा।
अमेरिका ने तेज किए हवाई हमले
ईरान के इस फैसले के तुरंत बाद अमेरिका ने जवाबी कार्रवाई तेज कर दी। अमेरिकी सेना ने रविवार को ईरान के कई सैन्य ठिकानों, IRGC से जुड़े अड्डों और दक्षिणी इलाकों में स्थित रणनीतिक ठिकानों पर नए हवाई हमले किए। इससे पहले भी अमेरिका लगातार दूसरे दिन ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बना चुका था। अमेरिका का आरोप है कि ईरान ने इस हफ्ते कतर और सऊदी अरब के तीन कारोबारी टैंकरों पर हमले करवाए, जिसके जवाब में यह कार्रवाई की गई।
CENTCOM ने क्या कहा?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, ईरान के खिलाफ इस हफ्ते तीसरे दौर की सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी गई है। अमेरिका का दावा है कि यह कार्रवाई IRGC द्वारा होमुर्ज स्ट्रेट से गुजर रहे साइप्रस के झंडे वाले कंटेनर जहाज M/V GFS Galaxy पर किए गए हमले के जवाब में की गई। CENTCOM के मुताबिक, हमले में जहाज पर भीषण आग लग गई, इंजन रूम को गंभीर नुकसान पहुंचा और चालक दल का एक सदस्य लापता हो गया। नुकसान के कारण जहाज अपनी यात्रा आगे जारी रखने की स्थिति में नहीं है।
At 7:15 p.m. ET today, U.S. Central Command forces began launching the third round of strikes this week against Iran after Islamic Revolutionary Guard Corps forces blatantly attacked M/V GFS Galaxy, a Cyprus-flagged container ship transiting the Strait of Hormuz. A civilian crew…
— U.S. Central Command (@CENTCOM) July 11, 2026
ट्रंप ने दी कड़ी चेतावनी
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी अपना रुख और सख्त कर दिया है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान बातचीत जारी रखने पर सहमत हुए हैं, लेकिन जून में हुआ सीजफायर अब खत्म हो चुका है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अमेरिकी हितों या सुरक्षा पर हमला हुआ तो अमेरिका बेहद कड़ी सैन्य कार्रवाई करेगा। हाल ही में ट्रंप ने यह भी दावा किया था कि अमेरिका की 1000 मिसाइलें लॉक्ड एंड लोडेड हैं और जरूरत पड़ने पर उनका इस्तेमाल ईरान के खिलाफ किया जा सकता है।
तनाव कम करने की कोशिशें जारी
दूसरी ओर कूटनीतिक स्तर पर भी तनाव कम करने की कोशिशें जारी हैं। ओमान, कतर और पाकिस्तान दोनों देशों के बीच बातचीत का रास्ता निकालने में जुटे हैं। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ओमान पहुंचे, जहां होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही को लेकर ओमानी अधिकारियों के साथ बातचीत हुई। बताया जा रहा है कि ओमान ने ऐसा प्रस्ताव रखा है, जिसके तहत दक्षिणी समुद्री कॉरिडोर से जहाजों को स्वतंत्र रूप से गुजरने दिया जाए, जबकि ईरान के जलक्षेत्र वाले उत्तरी मार्ग से गुजरने के लिए पहले से अनुमति लेनी होगी।
नए सर्वोच्च नेता का बड़ा बयान
उधर ईरान के नए सर्वोच्च नेता आयतुल्ला मोजतबा खामेनेई ने अपने पहले सार्वजनिक संदेश में पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत का बदला लेने की बात कही। उन्होंने कहा कि ‘शहीद नेता के खून का बदला हर हाल में लिया जाएगा।’ उनके इस बयान के बाद पहले से जारी अमेरिका-ईरान तनाव और अधिक गहरा गया है।
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