ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में आयोजित भारतीय समुदाय के एक बड़े कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी(PM Modi) ने भारत की वैश्विक भूमिका और मानवीय मूल्यों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत जब भी किसी मुसीबत में किसी देश की मदद करता है तब वह लोगों की राष्ट्रीयता या पासपोर्ट नहीं देखता बल्कि मानवता को प्राथमिकता देता है। उनके मुताबिक, यही कारण है कि दुनिया भारत पर भरोसा करती है और उसे एक जिम्मेदार वैश्विक साझेदार के रूप में देखती है।
अपने संबोधन में PM मोदी ने प्राकृतिक आपदाओं और वैश्विक संकटों के दौरान भारत की तरफ से चलाए गए राहत अभियानों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि म्यांमार में राहत कार्यों के लिए ऑपरेशन ब्रह्मा और श्रीलंका में चक्रवात के बाद मदद पहुंचाने के लिए विशेष अभियान चलाए गए थे। इसके अलावा कोरोना महामारी के दौरान भारत ने न सिर्फ अपने नागरिकों को सुरक्षित वापस लाने का प्रयास किया बल्कि कई देशों के नागरिकों की भी मदद की और जरूरतमंद देशों तक दवाइयां तथा आवश्यक चिकित्सा सहायता पहुंचाई।
भारतीय समुदाय की भूमिका की सराहना
PM मोदी ने ऑस्ट्रेलिया में बसे भारतीयों की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे भारत और ऑस्ट्रेलिया के संबंधों को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने भारतीय समुदाय की तुलना दूध में घुलने वाली चीनी से करते हुए कहा कि भारतीय जहां भी जाते हैं वहां अपने संस्कार, मेहनत और अपनापन लेकर जाते हैं जिससे समाज और अधिक समृद्ध बनता है।
मार्वल स्टेडियम में दिखा उत्साह
मेलबर्न के प्रतिष्ठित मार्वल स्टेडियम में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग शामिल हुए। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, देशभक्ति के नारों और दोनों देशों के झंडों से पूरा माहौल उत्साहपूर्ण नजर आया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच गहरे होते रिश्तों और भारतीय समुदाय की मजबूत भागीदारी को भी उत्साहपूर्वक प्रदर्शित किया।
PM मोदी ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि विदेशों में रह रहे भारतीय अपनी जड़ों से जुड़े रहते हुए जिस तरह स्थानीय समाज के विकास में योगदान दे रहे हैं वह पूरे देश के लिए गर्व की बात है।