वैशाली(Vaishali) जिले में अनुसूचित जाति बहुल गांवों के विकास को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी ने अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (PM-अजय) की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और जरूरतमंद परिवारों तक सरकारी सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित करने पर चर्चा हुई।
जिलाधिकारी ने कहा कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य ऐसे गांवों का समग्र विकास करना है जहां अनुसूचित जाति समुदाय की बड़ी आबादी रहती है। इसके तहत लोगों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ने पर खास ध्यान दिया जाएगा।
133 गांवों में होगा विकास योजनाओं का आकलन
बैठक में बताया गया कि जिले के चयनित 133 गांवों में विस्तृत सर्वे कराया जाएगा। इस सर्वे के जरिए गांवों की मौजूदा स्थिति, जरूरतों और विकास की संभावनाओं का आकलन किया जाएगा। इसके लिए अलग-अलग विभागों की संयुक्त टीम बनाई जाएगी ताकि योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू किया जा सके।
जिलाधिकारी ने सभी सर्वे टीमों को निर्देश दिया कि वे 18 जुलाई तक पूरी जिम्मेदारी और पारदर्शिता के साथ काम पूरा करें। उन्होंने यह भी कहा कि सर्वे से पहले कर्मचारियों को जरूरी प्रशिक्षण दिया जाए जिससे आंकड़ों में किसी तरह की त्रुटि न रहे और सही जानकारी के आधार पर विकास की योजना तैयार हो सके।
बुनियादी सुविधाओं पर रहेगा फोकस
योजना के तहत गांवों में पेयजल, स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, पोषण, आवास, सड़क, बिजली, स्वच्छ ईंधन, कृषि सहायता, बैंकिंग सुविधाएं, डिजिटल सेवाएं, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार जैसे क्षेत्रों में काम किया जाएगा।