अनुपम खेर(Anupam Kher) इन दिनों अपनी नई फिल्म ‘श्री राम भूमि’ को लेकर सुर्खियों में बने हुए हैं। फिल्म की शूटिंग शुरू करने से पहले उन्होंने अयोध्या पहुंचकर श्री राम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन किए और भगवान श्रीराम के साथ-साथ हनुमान जी का भी आशीर्वाद लिया। पूजा-अर्चना करने के बाद उन्होंने अपनी आने वाली फिल्म की शूटिंग की शुरुआत की।
अयोध्या में मीडिया से बातचीत के करते हुए अनुपम खेर ने बताया कि ‘श्री राम भूमि’ सिर्फ धार्मिक फिल्म नहीं बल्कि यह राम मंदिर के निर्माण तक पहुंचने वाली लंबी यात्रा, उससे जुड़े संघर्षों और वर्षों तक चले प्रयासों को पर्दे पर उतारने की कोशिश है। उनके मुताबिक, यह फिल्म उन लोगों की कहानी भी सामने रखेगी जिन्होंने अलग-अलग परिस्थितियों में मंदिर के निर्माण के लिए योगदान दिया और जिन चुनौतियों का सामना करना पड़ा उन्हें भी दर्शकों तक पहुंचाया जाएगा।
चढ़ावे से जुड़े पर भी शेयर की अपनी सोच
बातचीत के दौरान जब राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े गड़बड़ी मामले पर उनसे सवाल किया गया तो अनुपम खेर ने कहा कि बीते दिनों जो भी घटना सामने आई उसके लिए किसी व्यक्ति की गलत हरकत के चलते मंदिर या लोगों की आस्था पर सवाल नहीं उठाया जा सकता। उनका मानना है कि गलती करने वाले व्यक्ति की जवाबदेही तय होनी चाहिए न कि उस स्थान या उससे जुड़े विश्वास की।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर किसी घर में चोरी होती है तो उसका दोष घर का नहीं बल्कि चोरी करने वाले का होता है। इसी तरह अगर किसी मामले में अनियमितता हुई है तो दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
आस्था और जवाबदेही दोनों जरूरी
अनुपम खेर ने कहा कि किसी भी तरह की अनियमितता स्वीकार्य नहीं है और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोगों के गलत कामों की वजह से करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था या किसी पवित्र स्थल की गरिमा पर प्रश्नचिह्न नहीं लगाया जाना चाहिए। उनके मुताबिक, न्यायिक प्रक्रिया अपना काम करे जबकि धार्मिक आस्था का सम्मान भी बना रहना चाहिए।