मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ(CM Yogi) ने बुधवार को वाराणसी के बड़ालालपुर स्थित ट्रेड फैसिलिटेशन सेंटर से शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी कई महत्वपूर्ण योजनाओं का शुभारंभ किया है। इस दौरान उन्होंने “मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना” की शुरुआत की गई है। इस योजना के जरिए पात्र शिक्षक और शिक्षणेतर कर्मचारी आयुष्मान भारत योजना की तर्ज पर सूची में शामिल किए गए अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।
सरकार के मुताबिक, इस योजना का लाभ प्रदेश के लगभग 12 लाख शिक्षकों, शिक्षणेतर कर्मचारियों और उनके आश्रित परिवारों तक पूरी तरह से पहुंचेगा। कार्यक्रम में CM योगी ने प्रतीकात्मक रूप से 15 लाभार्थियों को कैशलेस इलाज के लिए हेल्थ कार्ड भी बांटे। इनमें शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक और रसोइयों को शामिल किया गया है।
किन वर्गों के मिलेगा योजना का लाभ ?
यह सुविधा बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के राजकीय, सहायता प्राप्त और अनुदानित विद्यालयों के शिक्षकों के अलावा विशेष शिक्षक, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की वार्डेन, पूर्णकालिक और अंशकालिक शिक्षक, व्यावसायिक शिक्षा से जुड़े विषय विशेषज्ञ के साथ बाकि पात्र शिक्षण एवं शिक्षणेतर कर्मचारियों के लिए उपलब्ध कराई जाएगी।
विद्यार्थियों को DBT के जरिए मिले पैसे
इस कार्यक्रम के दौरान CM योगी ने प्रदेश के लगभग 1.10 करोड़ परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से 1,200 रुपये की सहायता राशि भी ट्रांस्फर की गई है। इसके साथ ही शिक्षकों की सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग और भारतीय स्टेट बैंक के बीच लगभग 10 लाख शिक्षकों एवं संविदा कर्मियों के हित में एक MOU(समझौता पत्र) पर भी साइन कराया गया है। समारोह में “स्वच्छ हरित विद्यालय पुरस्कार” के अंतर्गत चयनित 12 प्रधानाचार्यों को सम्मानित कर प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए गए।