PM Modi Indonesia Visit: PM मोदी अपने तीन देशों के दौरे के पहले इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता पहुंचे, जहां उनका जोरदार स्वागत किया गया। सोमवार शाम जकार्ता एयरपोर्ट पर इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने प्रधानमंत्री मोदी की अगवानी की। भारतीय समुदाय ने भी उनका स्वागत किया। मंगलवार को PM मोदी का औपचारिक स्वागत समारोह आयोजित किया गया, जिसमें सैकड़ों घोड़ों और सेना की टुकड़ी ने उनके काफिले को एस्कॉर्ट किया। इस दौरे के दौरान भारत और इंडोनेशिया के बीच कई अहम समझौतों की घोषणा होने की संभावना जताई जा रही है।
द्विपक्षीय वार्ता में कई अहम मुद्दों पर चर्चा
मंगलवार को प्रधानमंत्री मोदी के दौरे का दूसरा दिन रहा, जिसकी शुरुआत औपचारिक स्वागत समारोह से हुई। इसके बाद भारतीय समुदाय की ओर से भी कई स्वागत कार्यक्रम आयोजित किए गए। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के बीच द्विपक्षीय वार्ता में रक्षा, प्रौद्योगिकी, रणनीतिक कनेक्टिविटी और आर्थिक सहयोग सहित कई अहम मुद्दों पर बातचीत हुई।
Touched by the warm welcome from the Indian community in Jakarta. Their affection and deep commitment to India's progress are truly inspiring. Our diaspora continues to strengthen India's bonds with the world through its achievements across diverse fields. pic.twitter.com/Rw8HorlnqX
— Narendra Modi (@narendramodi) July 6, 2026
EVM और सबांग पोर्ट पर बढ़ सकता है सहयोग
सूत्रों के अनुसार, भारत और इंडोनेशिया के बीच इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) को लेकर सहयोग का समझौता हो सकता है। इसके तहत भारत इंडोनेशिया के लिए खास तरह से EVM तैयार करने में सहयोग देगा। इसके अलावा दोनों देश मिलकर सबांग पोर्ट के विकास पर भी काम कर सकते हैं। यह पोर्ट मलक्का जलडमरूमध्य के पास मौजूद है और भारत के ग्रेट निकोबार पोर्ट प्रोजेक्ट से करीब 100 मील की दूरी पर है, जिससे इसकी रणनीतिक अहमियत काफी बढ़ जाती है।
‘अस्त्र’ और ब्रह्मोस मिसाइल पर टिकी निगाहें
रक्षा सहयोग इस दौरे का सबसे अहम एजेंडा माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में हवा से हवा में मार करने वाली भारत की ‘अस्त्र’ मिसाइल की सफलता के बाद इंडोनेशिया ने इन मिसाइलों की खरीद का फैसला किया है। वहीं भारत और इंडोनेशिया के बीच ब्रह्मोस मिसाइल सहयोग पर भी बड़ा फैसला हो सकता है। खबर है कि इंडोनेशिया अपने ब्रह्मोस मिसाइल भंडार को बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है और भारत बैटरी सप्लाई के जरिए इसमें सहयोग कर सकता है।
रेयर अर्थ और जरूरी मिनरल्स पर रहेगा फोकस
दोनों देशों के बीच जरूरी खनिजों की सप्लाई चेन को मजबूत बनाने पर भी बातचीत हुई। सूत्रों के मुताबिक, भारत इंडोनेशिया में स्टील, निकेल और रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट को बनाने में निवेश कर सकता है। इसका उद्देश्य अहम खनिजों की उपलब्धता सुनिश्चित करना और दोनों देशों के बीच औद्योगिक सहयोग को नई दिशा देना है।
ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड भी जाएंगे PM मोदी
इंडोनेशिया दौरे के बाद प्रधानमंत्री मोदी ऑस्ट्रेलिया रवाना होंगे, जहां उनकी प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज के साथ द्विपक्षीय वार्ता होगी। इस बैठक में भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने पर बातचीत होगी। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी न्यूजीलैंड का दौरा करेंगे, जहां द्विपक्षीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर बातचीत होने की संभावना है।
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