PM Modi Indonesia Australia New Zealand Visit: PM मोदी आज से 11 जुलाई तक इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की छह दिवसीय यात्रा पर रवाना होंगे। इस दौरान वह तीनों देशों के शीर्ष नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। यात्रा का फोकस व्यापार, निवेश, रक्षा, रणनीतिक साझेदारी और क्षेत्रीय सहयोग को नई गति देने पर रहेगा। इसके साथ ही प्रधानमंत्री हर देश में भारतीय प्रवासी समुदाय को भी संबोधित करेंगे।
‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ और ‘महासागर’ विजन पर रहेगा जोर
विदेश मंत्रालय के अनुसार यह दौरा भारत की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ और समुद्री सुरक्षा के ‘महासागर’ (MAHASAGAR) विजन को नई गति देने के लक्ष्य से तैयार किया गया है। कहने को तो यह एक कूटनीतिक दौरा है, लेकिन इसके पीछे असल कहानी हिंद-प्रशांत (इंडो-पैसिफिक) क्षेत्र में चीन के बढ़ते दबदबे को संतुलित करने, व्यापारिक समझौतों की पेचीदगियों को सुलझाने और विदेशी जमीन पर पढ़ रहे या काम कर रहे भारतीयों के हितों की रक्षा करने की है।
इंडोनेशिया से होगी यात्रा की शुरुआत
प्रधानमंत्री 6 से 8 जुलाई तक इंडोनेशिया में रहेंगे। उनकी यात्रा की शुरुआत राजधानी जकार्ता से होगी। यह प्रधानमंत्री की इंडोनेशिया की चौथी यात्रा होगी और मई 2018 में भारत-इंडोनेशिया संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी का दर्जा मिलने के बाद उनकी पहली द्विपक्षीय यात्रा होगी। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ उनकी वार्ता में आर्थिक और सामरिक सहयोग से जुड़े अहम मुद्दों पर बातचीत होगी।
गणतंत्र दिवस से बनी थी यात्रा की योजना
प्रधानमंत्री की इस यात्रा की योजना बनी थी, जब इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने 2025 में भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में हिस्सा लिया था। दोनों देशों के बीच वर्ष 2018 में बनी व्यापक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर भी इस दौरे में जोर रहेगा।
ऑस्ट्रेलिया में अल्बानीज से होगी अहम बैठक
इंडोनेशिया के बाद प्रधानमंत्री 8 से 10 जुलाई तक ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में रहेंगे। यहां वह प्रधानमंत्री एंथोनी अल्बानीज़ के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। दोनों नेताओं के बीच व्यापार, निवेश, रक्षा सहयोग, रणनीतिक साझेदारी और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर बातचीत होने की संभावना है।
करीब चार दशक बाद न्यूजीलैंड की राजकीय यात्रा
ऑस्ट्रेलिया के बाद प्रधानमंत्री 10 से 11 जुलाई तक न्यूजीलैंड के ऑकलैंड का दौरा करेंगे। करीब चार दशकों बाद कोई भारतीय प्रधानमंत्री न्यूजीलैंड की राजकीय यात्रा करेगा। यहां प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के साथ होने वाली बैठक में व्यापार, वाणिज्य, रक्षा और अन्य क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत बनाने पर बातचीत होगी। इसके साथ ही दोनों देशों के संबंधों को नई दिशा देने पर भी जोर रहेगा।
तीनों देशों के साथ संबंध मजबूत करने पर फोकस
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। ऐसे में भारत की कोशिश इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के साथ आर्थिक, रक्षा और रणनीतिक सहयोग को मजबूत करने के साथ-साथ क्षेत्रीय स्थिरता और साझा हितों को आगे बढ़ाने की रहेगी।
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