अमरनाथ यात्रा 2026 के दौरान बाबा बर्फानी(Baba Barfani) के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए भारतीय रेलवे ने जम्मू से श्रीनगर रूट पर खास ट्रेन सेवाओं की शुरुआत की है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और आरामदायक यात्रा अनुभव देना है साथ ही स्टेशन और मार्ग पर होने वाली भीड़ को नियंत्रित करना है।
श्रीनगर क्षेत्र के मुख्य क्षेत्र प्रबंधक कपिल शर्मा के मुताबिक, गर्मियों की छुट्टियों और अमरनाथ यात्रा के चलते यात्रियों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी होती है। इसे ध्यान में रखते हुए रेलवे ने मुख्यालय और रेलवे बोर्ड के स्तर पर एक मजबूत निगरानी तंत्र तैयार किया है। इसके तहत पानी, बिजली, सफाई, ट्रेनों की आवाजाही और समयबद्ध संचालन जैसी सभी व्यवस्थाओं पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी तरह की असुविधा न हो।
KYC और रजिस्ट्रेशन का आसान है तरीका
यात्रा को सरल बनाने के लिए रेलवे ने आधार आधारित KYC को स्टेशन के बाहर ही पूरा करने की सुविधा दी गई है। पहले से पंजीकृत यात्री अब भीड़ से बचते हुए तेजी से सत्यापन कर सकेंगे। जिन श्रद्धालुओं ने अभी तक रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है वे पंथा चौक पर जाकर ऑन-स्पॉट रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं जहां से उन्हें आगे की यात्रा के लिए बसों के माध्यम से भेजा जाएगा।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रेलवे ने रेलवे सुरक्षा बल (RPF), सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) और स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर समन्वित व्यवस्था बनाई है। इसके अलावा वरिष्ठ रेलवे अधिकारी और प्रशासनिक टीमें लगातार निरीक्षण कर रही हैं ताकि पूरी यात्रा के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था बनी रहे।
डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम का हो रहा इस्तेमाल
इस बार यात्रा के दौरान डिजिटल सर्विलांस और RFID ट्रैकिंग सिस्टम का उपयोग किया जा रहा है जिससे यात्रियों की निगरानी और सुरक्षा और अधिक प्रभावी हो सके। इसके साथ ही ट्रेनों में खाने जैसी मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं जिससे श्रद्धालुओं को आरामदायक सफर मिल सके।
गौरतलब है कि अमरनाथ यात्रा लगभग 57 दिनों तक चलेगी और इसका समापन रक्षा बंधन के अवसर पर 28 अगस्त 2026 को होगा। इस पूरी अवधि में रेलवे और प्रशासन मिलकर श्रद्धालुओं के सुरक्षित और सुचारु आवागमन को सुनिश्चित करेंगे।