ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के जनाजे के दूसरे दिन भी राजधानी तेहरान में भारी भीड़ देखने को मिली। शहर की प्रमुख सड़कों से लेकर इमाम खुमैनी ग्रैंड मोसल्ला तक लाखों लोग अंतिम श्रद्धांजलि देने पहुंचे। काले कपड़े पहने लोग मातम मनाते नजर आए और बड़ी संख्या में लोगों ने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ नारे लगाए।
‘डेथ टू अमेरिका’ और ‘डेथ टू इजरायल’ के नारे
जनाजे के दौरान लगातार ‘डेथ टू अमेरिका’ और ‘डेथ टू इजरायल’ के नारे गूंजते रहे। वहां मौजूद लोगों का कहना था कि खामेनेई उनके लिए केवल एक धार्मिक नेता नहीं, बल्कि ईरान की संप्रभुता और प्रतिरोध का प्रतीक थे।
खामेनेई के तीन बेटे भी हुए शामिल
जनाजे में खामेनेई के तीन बेटे मसूद, मेयसम और मुस्तफा शामिल हुए। उनके साथ इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के वरिष्ठ कमांडर अहमद वाहिदी भी मौजूद रहे। रिपोर्टों के अनुसार, नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई सुरक्षा कारणों से सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए।
विदेशों से भी पहुंचे समर्थक
बता दें कि जनाजे में भाग लेने के लिए ब्रिटेन समेत कई देशों से लोग तेहरान पहुंचे। मीडिया से बातचीत में ब्रिटेन से आई एक महिला ने कहा कि खामेनेई केवल ईरान के नेता नहीं, बल्कि पूरी मुस्लिम दुनिया की आवाज थे और उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए वह विशेष रूप से तेहरान आई हैं।
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयानों को लेकर दोनों देशों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका ने ईरान को “एक हफ्ते की छुट्टी” दी क्योंकि वह “बहुत अच्छा” है। इस बयान पर आर्मेनिया स्थित ईरानी दूतावास ने प्रतिक्रिया देते हुए सोशल मीडिया पर लिखा, “लोगों को मारा जा सकता है, लेकिन विचारों को नहीं। आपने अयातुल्ला खामेनेई की हत्या की, लेकिन उनके विचार और अधिक लोगों तक पहुंच चुके हैं। आपके पास न सभ्यता है, न इतिहास और न सम्मान।”
Read More
रोजाना करें जामुन के सिरके का सेवन मिलेगा इन 5 बीमारियों से छुटकारा

