देश में पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने (Ethanol Blending) को लेकर लगातार बहस जारी है। कुछ वाहन मालिकों का दावा है कि इससे इंजन की कार्यक्षमता और माइलेज पर असर पड़ सकता है। इन आशंकाओं के बीच केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सरकार का पक्ष स्पष्ट करते हुए कहा कि इथेनॉल मिश्रित ईंधन सुरक्षित है और इसका उपयोग रेसिंग कारों में भी सफलतापूर्वक किया जा रहा है।
हरदीप सिंह पुरी का जवाब
हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि रेसिंग कारों में इथेनॉल आधारित ईंधन का उपयोग बेहतर प्रदर्शन के लिए किया जाता है। उनके अनुसार यह जैव ईंधन इंजन की क्षमता बढ़ाने के साथ बेहतर परफॉर्मेंस देने में भी मदद करता है। उन्होंने कहा कि सरकार चरणबद्ध तरीके से उच्च स्तर की इथेनॉल ब्लेंडिंग को बढ़ावा देने की नीति पर आगे बढ़ रही है।
माइलेज पर क्या बोले हरदीप सिंह पुरी
मंत्री ने स्वीकार किया कि कुछ परिस्थितियों में इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल से माइलेज में हल्की कमी महसूस हो सकती है। जबकि उन्होंने स्पष्ट किया कि इसके पीछे केवल इथेनॉल ही जिम्मेदार नहीं होता, बल्कि वाहन की स्थिति, इंजन की गुणवत्ता, ड्राइविंग स्टाइल और सड़क की परिस्थितियां भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
ऊर्जा सुरक्षा पर जोर
हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि मध्य पूर्व में जारी तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। इसका असर सरकारी तेल कंपनियों की लागत पर भी पड़ा है। ऐसे में इथेनॉल जैसे घरेलू जैव ईंधन पर निर्भरता बढ़ाना भारत की ऊर्जा सुरक्षा और आयातित तेल पर निर्भरता कम करने की दिशा में अहम कदम है।
हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि भारत के परिवहन क्षेत्र में इलेक्ट्रिक वाहन (EV) और बायोफ्यूल आधारित वाहन दोनों की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। सरकार स्वच्छ ऊर्जा के सभी विकल्पों को बढ़ावा देने की रणनीति पर काम कर रही है, ताकि प्रदूषण कम हो और ऊर्जा के विविध स्रोत विकसित किए जा सकें।

