भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी मंगलवार को अपने पद से सेवानिवृत्त हो गए। रिटायरमेंट से पहले उन्होंने नई दिल्ली स्थित नेशनल वॉर मेमोरियल पहुंचकर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके स्थान पर जनरल धीरज सेठ ने 31वें भारतीय सेना प्रमुख के रूप में कार्यभार संभाल लिया है।
‘ऑपरेशन सिंदूर हमारी तैयारी का बड़ा उदाहरण’
विदाई के मौके पर जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि पिछले दो वर्षों में भारतीय सेना ने हर मोर्चे पर अपनी तैयारी, संतुलन और सतर्कता को और मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर सेना की पेशेवर क्षमता और तैयारियों का प्रमुख उदाहरण है। उन्होंने कहा कि आज मैं यह जिम्मेदारी जनरल धीरज सेठ को सौंप रहा हूं। वह एक अनुभवी सैनिक और सक्षम नेता हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि उनके नेतृत्व में भारतीय सेना अपनी गौरवशाली परंपराओं को कायम रखते हुए नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगी।”
#WATCH | Delhi | Army Chief General Upendra Dwivedi says, "Today, I am handing over this responsibility to General Dhiraj Seth. He is a seasoned soldier and a capable leader. I have full confidence that under his leadership, the Indian Army will scale even greater heights while… pic.twitter.com/kVLVG01C6n
— ANI (@ANI) June 30, 2026
LAC पर स्थिति स्थिर
जनरल द्विवेदी ने कहा कि उत्तरी सीमाओं पर ऑपरेशन स्नो लेपर्ड के तहत भारतीय सेना की तैनाती पूरी मजबूती के साथ बनी रही। पश्चिमी मोर्चे पर भी सेना ने संयम और पेशेवर तरीके से अपनी जिम्मेदारियां निभाईं। उन्होंने बताया कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर स्थिति फिलहाल स्थिर है, लेकिन संवेदनशील बनी हुई है। भारतीय सेना किसी भी चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के हर मुद्दे पर सेना ने अनुशासन और जिम्मेदारी के साथ अपनी जिम्मेदारियों को निभाया है। इस दौरान थल सेना, नौसेना और वायुसेना के बीच समन्वय और संयुक्त संचालन क्षमता भी पहले से अधिक मजबूत हुई है।
कौन हैं नए आर्मी चीफ जनरल धीरज सेठ?
जनरल धीरज सेठ भारतीय सेना में लगभग चार दशक का अनुभव रखते हैं। उन्होंने दिसंबर 1986 में सेना ज्वॉइन की थी और इससे पहले उप सेना प्रमुख के पद पर भी रह चुके हैं। वे सेना की पृष्ठभूमि वाले परिवार से आते हैं। उनके पिता लेफ्टिनेंट जनरल कृष्ण मोहन सेठ भारतीय सेना में एडजुटेंट जनरल रह चुके हैं और वर्ष 1997 में सेवानिवृत्त हुए थे। उन्होंने XXI स्ट्राइक कोर और III कोर जैसी महत्वपूर्ण सैन्य संरचनाओं की भी कमान संभाली थी।
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