श्रीनगर के सरकारी अस्पताल की कश्मीरी पंडित नर्स सरला भट्ट के अपहरण और हत्या के मामले में 36 वर्ष बाद बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। जांच एजेंसियों ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (JKLF) के प्रमुख यासीन मलिक और उसके साथियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल किया है। सरला भट्ट की हत्या 1990 में कश्मीर में आतंकवाद के दौर की सबसे चर्चित और दर्दनाक घटनाओं में से एक मानी जाती है।
35 साल बाद हुई चार्जशीट दाखिल
इस मामले में तीन दशक से अधिक समय बाद चार्जशीट दाखिल होना न्यायिक प्रक्रिया की धीमी रफ्तार पर भी सवाल खड़े करता है। इतने गंभीर आतंकी अपराध में कार्रवाई में हुई लंबी देरी ने पीड़ित परिवारों और कश्मीरी पंडित समुदाय के बीच निराशा को बढ़ाया। सरला भट्ट का मामला अकेला नहीं है। कश्मीरी पंडितों की हत्या, अपहरण और उत्पीड़न से जुड़े कई मामलों में वर्षों तक प्रभावी जांच और कानूनी कार्रवाई नहीं हो सकी। इन मामलों में राज्य और केंद्र सरकारों की भूमिका को लेकर भी समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं।
यासीन मलिक पर पहले से कई गंभीर आरोप
यासीन मलिक पर पहले से आतंकवाद और हिंसा से जुड़े कई गंभीर मामले दर्ज हैं। वर्ष 1990 में भारतीय वायुसेना के चार कर्मियों की हत्या के मामले में भी उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई चल रही है। बाद के वर्षों में उसे आतंकवाद के टेरर फंडिंग से जुड़े मामले में भी दोषी ठहराया जा चुका है।
पीड़ितों को न्याय की उम्मीद
सरला भट्ट हत्याकांड में चार्जशीट दाखिल होने से लंबे समय से लंबित इस मामले में कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। हालांकि, 35 साल की देरी यह सवाल भी छोड़ती है कि आतंकवाद से जुड़े मामलों में समयबद्ध जांच और न्याय सुनिश्चित करना कितना जरूरी है, ताकि पीड़ितों और उनके परिवारों का न्याय व्यवस्था पर भरोसा बना रहे।
क्या है सरला भट्ट हत्याकांड?
सरला भट्ट दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग की रहने वाली 27 वर्षीय स्टाफ नर्स थीं। वह श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (SKIMS) में काम करती थीं। साल 1990 में, जब कश्मीर में आतंकवाद अपने चरम पर था, तब सरला भट्ट का अपहरण कर उनकी बेरहमी से हत्या कर दी गई। यह घटना कश्मीर के सबसे चर्चित और दर्दनाक मामलों में से एक मानी जाती है। फिर यह मामला जून 2026 में चर्चा में आया, जब जम्मू-कश्मीर की स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (SIA) ने घटना के 35 साल बाद 737 पन्नों की चार्जशीट अदालत में दाखिल की गई। इसमें प्रतिबंधित संगठन JKLF के प्रमुख यासीन मलिक को इस साजिश का मुख्य आरोपी बताया गया।
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