कराची में हाल ही में हुए आतंकी हमले को लेकर पड़ोसी देश पाकिस्तान ने भारत पर बेबुनियाद और गंभीर आरोप लगाएं हैं। हालांकि भारत ने उन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय ने इन आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताते हुए पाकिस्तान को अपने यहां मौजूद आतंकी ढांचे के खिलाफ कार्रवाई करने की नसीहत दी।
विदेश मंत्रालय का कड़ा जवाब
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि कराची की घटना के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराने के पाकिस्तान के आरोपों का कोई आधार नहीं है। उन्होंने कहा कि दूसरों पर उंगली उठाने के बजाय पाकिस्तान को अपने भीतर झांकना चाहिए। उसे अपनी धरती पर मौजूद आतंकी ढांचे के खिलाफ विश्वसनीय कार्रवाई करनी चाहिए और आतंकवाद को राज्य की नीति के तौर पर इस्तेमाल करने की प्रवृत्ति छोड़नी चाहिए।”
Our response to media queries regarding allegations made by Pakistan ⬇️https://t.co/08biu984kA pic.twitter.com/eJ88YvCQvH
— Randhir Jaiswal (@MEAIndia) June 28, 2026
पाकिस्तान ने क्या लगाए थे आरोप?
कराची में पाकिस्तान रेंजर्स (सिंध) के गुलिस्तान-ए-जौहर कैंप पर हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तानी सेना की मीडिया शाखा ISPR ने इस हमले के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराया था। पाकिस्तान ने प्रतिबंधित संगठन जमात-उल-अहरार को “भारतीय समर्थित संगठन” बताते हुए भारत पर आरोप लगाए। वहीं, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी दावा किया कि भारत क्षेत्र में ऐसे समूहों को समर्थन दे रहा है, जो पाकिस्तान में आतंकी हमले करते हैं।
MEA के स्पोक्सपर्सन रणधीर जायसवाल ने कराची में हाल की में हुई घटना को लेकर भारत पर पाकिस्तान के लगाए आरोपों को गलत और "बेबुनियाद" बताया।
उन्होंने कहा, "दूसरों पर उंगली उठाने के बजाय, पाकिस्तान को अपने अंदर झांकना चाहिए, अपने इलाके में आतंकी ढांचे के खिलाफ भरोसेमंद कार्रवाई करनी… pic.twitter.com/kEcmIVV6D6
— ANI_HindiNews (@AHindinews) June 28, 2026
कराची हमले में 4 सुरक्षाकर्मियों की मौत
शनिवार देर रात कराची स्थित पाकिस्तान रेंजर्स के कैंप पर हुए हमले में चार सुरक्षाकर्मी और छह हमलावर मारे गए। एक घायल हमलावर को सुरक्षा बलों ने गिरफ्तार कर लिया। ISPR के मुताबिक, हमले को जमात-उल-अहरार से जुड़े आतंकियों ने अंजाम दिया। हालांकि, भारत ने पाकिस्तान के सभी आरोपों को खारिज करते हुए उन्हें निराधार बताया है।
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