केंद्र सरकार ने देश की प्रमुख खुफिया एजेंसी इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के नए महानिदेशक (Director General) के रूप में वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी महेश दीक्षित की नियुक्ति की है। 1993 बैच के आंध्र प्रदेश कैडर के आईपीएस अधिकारी महेश दीक्षित वर्तमान में आईबी में स्पेशल डायरेक्टर के पद पर कार्यरत हैं। मौजूदा आईबी प्रमुख के 30 जून को सेवानिवृत्त होने के बाद वह आधिकारिक रूप से 1 जुलाई से पदभार संभालेंगे।
महेश दीक्षित की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब देश के सामने आंतरिक सुरक्षा, सीमा पार आतंकवाद और साइबर सुरक्षा जैसी कई बड़ी चुनौतियां मौजूद हैं। सुरक्षा मामलों में उनके लंबे अनुभव को देखते हुए यह नियुक्ति काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
केंद्र सरकार ने जारी किया नियुक्ति आदेश
केंद्र सरकार ने 25 जून को महेश दीक्षित की नियुक्ति का आधिकारिक आदेश जारी किया। लंबे समय से इंटेलिजेंस ब्यूरो में कार्यरत महेश दीक्षित को खुफिया अभियानों और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों का व्यापक अनुभव है। उन्होंने एजेंसी में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं और विभिन्न संवेदनशील अभियानों का नेतृत्व भी किया है। उनकी नियुक्ति को देश की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में निभाई अहम भूमिका
अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल था। इसी दौरान महेश दीक्षित को इन दोनों क्षेत्रों में इंटेलिजेंस ब्यूरो की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई थी। उन्होंने सब्सिडियरी इंटेलिजेंस ब्यूरो (SIB) का नेतृत्व करते हुए स्थानीय खुफिया नेटवर्क को मजबूत किया। उनके नेतृत्व में जमीनी स्तर पर सूचना तंत्र को बेहतर बनाया गया, जिससे सुरक्षा एजेंसियों को आतंकवाद विरोधी अभियानों में महत्वपूर्ण सफलता मिली।
आतंकवाद विरोधी अभियानों में मिला अनुभव
महेश दीक्षित को आतंकवाद प्रभावित क्षेत्रों में काम करने का लंबा अनुभव है। सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, उनके कार्यकाल में स्थानीय स्तर पर बेहतर इंटेलिजेंस जुटाने और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया। इसका परिणाम यह रहा कि कई आतंकवाद विरोधी अभियानों में सुरक्षा बलों को समय पर खुफिया जानकारी उपलब्ध हो सकी। इंटेलिजेंस नेटवर्क को आधुनिक बनाने और फील्ड यूनिट्स को मजबूत करने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
राष्ट्रीय सुरक्षा की नई जिम्मेदारी
आईबी प्रमुख के रूप में महेश दीक्षित अब देश की आंतरिक सुरक्षा, आतंकवाद-रोधी रणनीति, जासूसी गतिविधियों की निगरानी और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील मामलों की जिम्मेदारी संभालेंगे। उनके अनुभव और नेतृत्व क्षमता के चलते इंटेलिजेंस ब्यूरो आने वाले समय में नई सुरक्षा चुनौतियों का अधिक प्रभावी ढंग से सामना कर सकेगा। उनकी नियुक्ति को भारत की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण फैसला माना जा रहा है।

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