दिल्ली(Delhi) के यमुना बाजार इलाके में गुरुवार यानी आज, 25 जून को अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई शुरू की गई है। दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने यमुना के बाढ़ प्रभावित ओ-जोन क्षेत्र में चिन्हित अवैध निर्माणों को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस अभियान के तहत 300 से अधिक मकानों को हटाया जाना प्रस्तावित है। सुबह से ही इलाके में बुलडोजर के जरिए कार्रवाई शुरू कर दी गई।
किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस और सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। कार्रवाई शुरू होने से पहले कई परिवारों ने अपने घरों से सामान बाहर निकालना शुरू कर दिया था। प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों को अस्थायी रूप से नजदीकी शेल्टर होम में जाने की सलाह दी गई है ताकि उन्हें तत्काल रहने की सुविधा मिल सके।
हाई कोर्ट के आदेश के बाद लिया गया फैसला
अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देशों के बाद शुरू की गई है। पिछले महीने डीडीए और जिला प्रशासन की ओर से संबंधित इलाकों में रहने वाले लोगों को नोटिस जारी किए गए थे। इसके बाद यमुना किनारे बसे इलाकों में अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।
अवैध निर्माण हटाने की मुहिम
DDA की यह कार्रवाई यमुना के बाढ़ क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त करने के व्यापक अभियान का हिस्सा बताई जा रही है। प्रशासन का कहना है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अवैध निर्माण सुरक्षा के लिहाज से खतरा पैदा कर सकते हैं और इन्हें हटाना जरूरी है।
इससे पहले दिल्ली सरकार की ओर से आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत यमुना के आसपास रहने वाले लोगों को नोटिस जारी कर सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा गया था। प्रशासन का उद्देश्य बाढ़ के खतरे को कम करना और क्षेत्र को सुरक्षित रखना है।