राष्ट्रीय राजधानी के प्रशासनिक और सरकारी केंद्र तक पहुंच जल्द ही और अधिक सुविधाजनक होने वाली है। दिल्ली मेट्रो(Delhi Metro) रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर परियोजना के तहत सेंट्रल सेक्रेटेरिएट मेट्रो स्टेशन पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। परियोजना पूरी होने के बाद यह स्टेशन दिल्ली मेट्रो का पहला ट्रिपल इंटरचेंज हब बन जाएगा जहां तीन प्रमुख मेट्रो लाइनें एक-दूसरे से जुड़ेंगी।
यह कॉरिडोर डीएमआरसी के फेज-5 (ए) विस्तार कार्यक्रम के अंतर्गत विकसित किया जा रहा है। इसके जरिए मैजेंटा लाइन को जनकपुरी वेस्ट से आरके आश्रम मार्ग तक आगे बढ़ाया जाएगा। केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने निर्माण कार्य का निरीक्षण करते हुए कहा कि यह परियोजना राजधानी की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को नई मजबूती प्रदान करेगी और लाखों यात्रियों को इसका लाभ मिलेगा।
भूमिगत कॉरिडोर में होंगे नौ स्टेशन
करीब 9.9 किलोमीटर लंबे इस भूमिगत कॉरिडोर में कुल नौ स्टेशन प्रस्तावित हैं। इनमें शिवाजी स्टेडियम, युगे-युगेन भारत, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, कर्तव्य भवन, इंडिया गेट, वॉर मेमोरियल-हाई कोर्ट, बड़ौदा हाउस, भारत मंडपम और इंद्रप्रस्थ शामिल हैं। इनमें सेंट्रल सेक्रेटेरिएट स्टेशन सबसे महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि यहां मैजेंटा, येलो और वायलेट लाइन का आपसी संपर्क स्थापित होगा।
यात्रियों को मिलेगा सीधा लाभ
नई परियोजना के शुरू होने से संसद क्षेत्र, केंद्रीय मंत्रालयों, सुप्रीम कोर्ट, इंडिया गेट, नेशनल वॉर मेमोरियल और भारत मंडपम जैसे प्रमुख स्थानों तक पहुंच पहले की तुलना में अधिक तेज और आसान हो जाएगी। इसके अलावा सरकारी कर्मचारियों, वकीलों, पर्यटकों और आम यात्रियों को बेहतर यात्रा सुविधा मिलेगी। साथ ही राजधानी के व्यस्त इलाकों में सड़क यातायात का दबाव कम होने की भी उम्मीद है, जिससे शहर की परिवहन व्यवस्था और अधिक सुगम बन सकेगी।