लखनऊ के अलीगंज स्थित सेक्टर-D में हुए भीषण अग्निकांड के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। जिस इमारत में आग लगने से 15 लोगों की मौत हुई थी, उसके खिलाफ ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने भवन स्वामियों को नोटिस जारी कर 15 दिनों के भीतर जवाब मांगा है। LDA के अनुसार, संबंधित भवन का नक्शा आवासीय उपयोग के लिए मंजूर किया गया था, लेकिन उसका इस्तेमाल व्यावसायिक काम के लिए किया जा रहा था।
भवन मालिकों को नोटिस जारी
LDA के प्रवर्तन जोन-4 ने सेक्टर-डी स्थित भूखंड संख्या M.S. -102 के मालिकों वीरेन्द्र शुक्ला, सुरेन्द्र शुक्ला और अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस भेजा है। नोटिस में कहा गया है कि भवन का इस्तेमाल मंजूर किए गए कार्य को छोड़कर अलग उद्देश्य के लिए किया जा रहा था और निर्माण भी निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया। इस मामले में उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम, 1973 की धारा 27(1) के तहत कार्रवाई शुरू की गई है।
15 दिन में जवाब नहीं तो ध्वस्तीकरण
LDA ने भवन के मालिकों को निर्देश दिया है कि वे 15 दिनों के भीतर सक्षम प्राधिकारी के सामने पेश होकर अपना पक्ष रखें और जरूरी दस्तावेज दिखाएं। अगर जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, तो भवन को ध्वस्त करने सहित अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अग्निकांड के बाद सख्त हुआ प्रशासन
सोमवार को इस इमारत में लगी भीषण आग ने पूरे शहर को झकझोर दिया था। हादसे में 15 लोगों की जान चली गई थी, जबकि कई अन्य घायल हुए थे। शुरूआती जांच में सामने आया कि भवन का इस्तेमाल स्वीकृत मानकों के विपरीत किया जा रहा था, जिसके बाद प्रशासन ने अवैध निर्माण और सुरक्षा नियमों के उल्लंघन को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू की गई।
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