लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में हुए भीषण अग्निकांड को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इस मामले में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि इस दुखद घटना पर राजनीति नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि हादसे में कई लोगों की जान गई है और ऐसे समय में संवेदनशीलता दिखाने की जरूरत है।
अखिलेश सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
ब्रजेश पाठक ने दावा किया कि जिस भवन में आग लगी, उससे जुड़े कई प्रशासनिक निर्णय पूर्ववर्ती समाजवादी पार्टी सरकार के दौरान लिए गए थे। उनके अनुसार, प्लॉट आवंटन से लेकर भवन निर्माण और उससे जुड़े विवादित फैसले उसी कार्यकाल में हुए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई के बावजूद बाद में राहत देने वाले निर्णय भी लिए गए, जिससे नियमों की अनदेखी हुई।
सरकार ने शुरू की कार्रवाई
डिप्टी सीएम ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने कार्यक्रम स्थगित कर मौके का जायजा लिया। पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें हर संभव सहायता का भरोसा दिया गया। साथ ही मामले में जवाबदेही तय करने के लिए चार अधिकारियों को निलंबित किया गया है और विस्तृत जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है।
निर्माण प्रक्रिया पर उठे सवाल
ब्रजेश पाठक ने कहा कि उपलब्ध रिकॉर्ड और तकनीकी तथ्यों से कई सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भवन निर्माण की प्रक्रिया बेहद तेजी से पूरी हुई और नियमों के पालन को लेकर गंभीर संदेह हैं। उनके अनुसार, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच से यह स्पष्ट होगा कि किस स्तर पर लापरवाही हुई और किन लोगों की जिम्मेदारी बनती है।
दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्राथमिक उद्देश्य पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाना है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच में जो भी व्यक्ति या अधिकारी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सरकार इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी।

