BRICS NSA Meet: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 22 और 23 जून को BRICS देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों (NSA) की बड़ी बैठक आयोजित की जा रही है। इस दो दिवसीय सम्मेलन की अध्यक्षता भारतीय राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल करेंगे। बैठक में BRICS सदस्य देशों के सभी बड़े सुरक्षा अधिकारी और प्रतिनिधि वैश्विक एवं क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों पर बातचीत करेंगे।
चीन और रूस के प्रतिनिधि भी होंगे शामिल
बैठक में चीन के विदेश मंत्री वांग यी और रूस के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सर्गेई शोइगू समेत कई देशों के बड़े अधिकारी शामिल होंगे। चीन पहले ही साफ कर चुका है कि वांग यी इस सम्मेलन में भाग लेंगे। सूत्रों के अनुसार, सम्मेलन के दौरान वांग यी और अजीत डोभाल के बीच द्विपक्षीय वार्ता भी हो सकती है।
सितंबर में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन के लिए अहम
दिल्ली में हो रही यह बैठक सितंबर में भारत की मेजबानी में आयोजित होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन की तैयारियों के लिहाज से भी अहम मानी जा रही है। ऐसा कहा जा रहा है कि ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के उप सचिव निजामीपूर भी इस सम्मेलन में शामिल हो सकते हैं। बैठक में आगामी शिखर सम्मेलन के एजेंडे पर भी विचार किया जाएगा।
लगातार बढ़ रहा है BRICS का दायरा
मूल रूप से ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका से बने BRICS समूह का दायरा पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ा है। वर्ष 2024 में मिस्र, इथियोपिया, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) इस संगठन में शामिल हुए थे। इसके बाद 2025 में इंडोनेशिया भी BRICS का सदस्य बना, जिससे समूह का वैश्विक प्रभाव और मजबूत हुआ है।
दुनिया की आधी आबादी को रिप्रेजेंट करता है BRICS
फिलहाल BRICS दुनिया की 11 प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं का मंच बन चुका है। इसमें दुनिया की लगभग 49.5% आबादी आती है, जबकि वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में इसकी हिस्सेदारी करीब 40% है। वहीं वैश्विक व्यापार में BRICS देशों की भागीदारी लगभग 26% मानी जाती है, जिससे इसकी आर्थिक और रणनीतिक अहमियत लगातार बढ़ रही है।
पश्चिम एशिया और रूस-यूक्रेन जंग पर रहेगा फोकस
सूत्रों के मुताबिक, बैठक में पश्चिम एशिया में जारी जंग और रूस-यूक्रेन युद्ध से जुड़े सुरक्षा मुद्दों पर भी बातचीत की जाएगी। मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों के बीच सदस्य देशों के बीच तालमेल और सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने पर भी जोर दिया जाएगा।
आतंकवाद और साइबर सुरक्षा पर भारत रखेगा अपना पक्ष
सम्मेलन में आतंकवाद और साइबर सुरक्षा प्रमुख मुद्दों में शामिल रहेंगे। भारत इस मंच पर सीमा पार आतंकवाद को लेकर अपनी चिंताओं को मजबूती से उठाने की तैयारी में है। विशेष रूप से पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठनों द्वारा जम्मू-कश्मीर को निशाना बनाकर की जाने वाली गतिविधियों का मुद्दा चर्चा में रह सकता है। इसके अलावा साइबर सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों और सहयोग पर भी बातचीत हो सकती है।
वैश्विक सुरक्षा सहयोग को नई दिशा देने की कोशिश
विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, रूस-यूक्रेन संघर्ष और आतंकवाद जैसी चुनौतियों के बीच आयोजित यह बैठक BRICS देशों के सुरक्षा सहयोग को नई दिशा दे सकती है। दिल्ली में होने वाला यह मंथन क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक सुरक्षा व्यवस्था के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।
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