हिमाचल प्रदेश(Himachal Weather) में मानसून की आधिकारिक दस्तक से पहले ही मौसम सुहावना हो गया है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से बारिश, तेज हवाओं और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल रही हैं। मौसम में आए इस बदलाव से जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली है वहीं मौसम विभाग ने कुछ जिलों के लिए सतर्क रहने की सलाह भी दी है।
मौसम विभाग के अनुसार 18 जून को प्रदेश के कई इलाकों में मौसम का असर और अधिक देखने को मिल सकता है। विशेष रूप से चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों में ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। इन क्षेत्रों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। विभाग का अनुमान है कि कुछ स्थानों पर गरज के साथ बारिश हो सकती है और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
अगले कुछ दिनों तक कैसा रहेगा मौसम ?
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि प्रदेश में फिलहाल नमी की मात्रा बढ़ी हुई है जिसके कारण मौसम लगातार बदल रहा है। बुधवार से शनिवार तक कई जिलों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट भी जारी किया गया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 22 जून तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।
पश्चिमी विक्षोभ बना मौसम बदलने की वजह
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है जिसका असर हिमाचल प्रदेश पर भी देखने को मिलेगा। इसी प्रणाली के कारण प्रदेश में बादल छाए रहने, बारिश होने और तापमान में गिरावट आने की संभावना बनी हुई है।
आमतौर पर जून के महीने में मौसम इतना सक्रिय नहीं रहता लेकिन इस बार पश्चिमी विक्षोभ की वजह से वातावरण में नमी बढ़ गई है। यही कारण है कि मॉनसून आने से पहले ही कई इलाकों में अच्छी बारिश दर्ज की जा रही है।
कई क्षेत्रों में दर्ज हुई अच्छी बारिश
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हुई बारिश रिकॉर्ड की गई है। कुफरी में सबसे अधिक 39.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई। इसके अलावा नगरोटा सुरियां में 35.6 मिलीमीटर, सुंदरनगर में 17.9 मिलीमीटर, शिमला में 13.4 मिलीमीटर, कांगड़ा में 10.9 मिलीमीटर और मंडी में 5 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। बारिश के चलते कई इलाकों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली है।