Products Price Hike: देश में पेट्रोल-डीजल और एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी के बाद आम लोगों के घरेलू बजट पर दबाव और बढ़ गया है। हालांकि महंगाई का असर सिर्फ ईंधन तक सीमित नहीं है। पिछले 15 दिनों के भीतर रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली कई जरूरी वस्तुओं के दाम भी बढ़ गए हैं, जिससे उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
FMCG उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी
कच्चे माल की कीमतों में 11 प्रतिशत और पैकेजिंग लागत में 56 प्रतिशत तक वृद्धि के बाद कई प्रमुख एफएमसीजी कंपनियों ने अपने उत्पादों के दाम बढ़ा दिए हैं। हिंदुस्तान यूनिलीवर, डाबर, मैरिको और कोलगेट जैसी कंपनियों ने विभिन्न उत्पाद श्रेणियों में कीमतों में संशोधन किया है। डव और पियर्स जैसे प्रीमियम साबुन 4 से 5 प्रतिशत तक महंगे हो गए हैं, जबकि डिटर्जेंट की कीमतों में 5 से 11 प्रतिशत तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ओरल केयर से जुड़े कई उत्पादों की कीमतें भी बढ़ाई गई हैं।
दूध और डेयरी उत्पादों ने बढ़ाया बोझ
डेयरी उत्पादों की कीमतों में भी इजाफा हुआ है। अमूल गोल्ड के एक लीटर पैक की कीमत 68 रुपये से बढ़कर 70 रुपये हो गई है। अमूल ताजा अब 55 रुपये की जगह 57 रुपये में मिल रहा है। वहीं मदर डेयरी का फुल क्रीम दूध 69 रुपये से बढ़कर 72 रुपये प्रति लीटर हो गया है। मदर डेयरी के भैंस के दूध की कीमत में भी 5 रुपये की बढ़ोतरी हुई है और अब यह 80 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है।
रसोई का खर्च भी बढ़ा
थोक बाजार में मालभाड़ा बढ़ने का असर अब खुदरा बाजार में भी दिखाई दे रहा है। दुकानदारों ने खुले चावल और दालों के दाम 5 से 7 रुपये प्रति किलो तक बढ़ा दिए हैं। मैरिको की प्रमुख खाद्य तेल ब्रांड ‘सफोला’ की कीमतों में भी 6 से 11 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई है। इससे घरेलू रसोई का मासिक खर्च बढ़ने की आशंका है।
सब्जियों के दाम में तेज उछाल
पिछले 15 दिनों में कई सब्जियों की कीमतों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। टमाटर, जो कुछ समय पहले 30 से 40 रुपये प्रति किलो बिक रहा था, अब 60 से 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। प्याज, अदरक, हरी मिर्च और नींबू के दाम भी बढ़े हैं। वहीं परिवहन लागत बढ़ने के कारण आलू, बैंगन, भिंडी समेत कई अन्य सब्जियां 5 से 10 रुपये प्रति किलो तक महंगी हो गई हैं।
बाहर खाना भी हुआ महंगा
कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी का असर होटल और रेस्टोरेंट उद्योग पर भी पड़ा है। बढ़ती लागत को देखते हुए रेस्टोरेंट संचालकों ने अपने मेन्यू की कीमतों में औसतन 1.8 प्रतिशत तक वृद्धि की है। खाने-पीने से जुड़े इस क्षेत्र में महंगाई दर 5.75 प्रतिशत तक पहुंचने की बात कही जा रही है, जिसका असर सीधे ग्राहकों की जेब पर पड़ रहा है।
रोजमर्रा के खर्च में लगातार इजाफा
ईंधन, खाद्य पदार्थ, डेयरी उत्पाद, एफएमसीजी सामान और बाहर खाने की बढ़ती लागत ने आम लोगों की मासिक खर्च योजना को प्रभावित किया है। महज 15 दिनों में कई जरूरी वस्तुओं की कीमतों में आई यह बढ़ोतरी महंगाई के दबाव को और अधिक बढ़ाने वाली साबित हो रही है।
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