मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच जारी टकराव अब खुली सैन्य भिड़ंत की ओर बढ़ता नजर आ रहा है। अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने खाड़ी क्षेत्र में मौजूद कई अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। साथ ही ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले समुद्री यातायात को प्रभावित करने की चेतावनी भी दी है।
बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में हमलों का दावा
IRGC के मुताबिक गुरुवार तड़के कुवैत के अली अल सलेम एयर बेस और अहमद अल-जाबेर एयर बेस पर ड्रोन हमले किए गए। इसके अलावा बहरीन स्थित शेख ईसा एयर बेस को भी निशाना बनाए जाने का दावा किया गया है। ईरानी संगठन का कहना है कि यह कार्रवाई अमेरिका द्वारा ईरान के भीतर किए गए हालिया सैन्य हमलों के जवाब में की गई। IRGC ने दावा किया कि इन अभियानों में अमेरिका की 18 महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचाया गया।
होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बड़ा दावा
ईरान ने यह भी दावा किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की कोशिश कर रहे दो तेल टैंकरों को निशाना बनाया गया। इसके साथ ही चेतावनी दी गई कि इस रणनीतिक समुद्री मार्ग से गुजरने वाला समुद्री यातायात प्रभावित हो सकता है। IRGC ने आरोप लगाया कि अमेरिका ने अप्रैल में हुए युद्धविराम समझौते का उल्लंघन किया है। हालांकि अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इससे पहले कहा था कि होर्मुज जलडमरूमध्य से व्यावसायिक जहाजों की आवाजाही सामान्य बनी हुई है।
अमेरिका ने भी ईरान में की सैन्य कार्रवाई
दूसरी ओर अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने पुष्टि की है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर ईरान के भीतर कई सैन्य और रणनीतिक ठिकानों पर हमले किए गए। अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई ईरान की “लगातार और अनुचित आक्रामक गतिविधियों” के जवाब में की गई है। बता दें कि बीते बुधवार होर्मुज जलडमरूमध्य के ऊपर एक अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर गिराए जाने की खबर सामने आई थी। इसके बाद दोनों देशों के बीच जवाबी कार्रवाइयों और आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी है।
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