सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने ‘इश्क करो पार्टी’ (IKP) नाम से एक नई राजनीतिक पहल शुरू करने की घोषणा की है। उन्होंने इसे एक गंभीर मंच बताया है, जिसका मकसद राष्ट्रीय एकता और सामूहिक प्रयासों के जरिए भारत की सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक चुनौतियों का समाधान करना है। काटजू ने कहा कि उन्होंने यह विचार अपने दोस्त इरफान अली के साथ मिलकर तैयार किया है। इरफान अली प्रिंसटन में रहने वाले एक प्रोफेशनल हैं और उन्होंने पार्टी की ऑनलाइन मौजूदगी बनाने में मदद की है, जिसमें वेबसाइट, सोशल मीडिया अकाउंट और मेंबरशिप से जुड़े सवालों के लिए एक खास ईमेल एड्रेस शामिल है।
Aims and objectives of Ishq Karo Party
By Justice Katju, patron of IKP
Some people may think that the formation of the newly created IKP is a joke, a kind of Valentine's Day for promoting romance between boys and girls. But that is a total misconception.
In fact it is a very…— Markandey Katju (@mkatju) June 8, 2026
‘इश्क का मतलब है देश के लिए प्यार’
पार्टी के नाम को लेकर फैली गलतफहमियों को दूर करते हुए काटजू ने कहा कि “इश्क करो” का मतलब रोमांटिक प्यार नहीं समझा जाना चाहिए। इसके बजाय, उन्होंने कहा कि इश्क शब्द का मतलब भारत और उसके लोगों के लिए गहरा और निस्वार्थ प्यार है, चाहे धर्म, जाति, भाषा या नस्ल कुछ भी हो।
काटजू के अनुसार, भारत अभी भी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है, जिनमें गरीबी, बेरोजगारी, बच्चों में कुपोषण, अपर्याप्त स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा, बढ़ती कीमतें और सामाजिक विभाजन शामिल हैं। उन्होंने तर्क दिया कि नागरिकों के बीच एकता को बढ़ावा दिए बिना और जाति, सांप्रदायिक और भाषाई बाधाओं को पार किए बिना इन मुद्दों को हल नहीं किया जा सकता है।
जन-आंदोलन का आह्वान
पूर्व जज ने कहा कि पार्टी नागरिकों को एक साझा राष्ट्रीय उद्देश्य के लिए एकजुट करना चाहती है और आधुनिक सोच वाले और धर्मनिरपेक्ष नेताओं के नेतृत्व में जन-संघर्ष या लोगों के आंदोलन को बढ़ावा देना चाहती है। उन्होंने कहा कि बांटने वाली राजनीति ने समाज को कमजोर किया है और विकास से जुड़े अहम मुद्दों को हल करने के प्रयासों में बाधा डाली है।
सूफी विचारधारा और उर्दू शायरी की परंपराओं का हवाला देते हुए काटजू ने कहा कि इश्क शब्द शारीरिक आकर्षण के बजाय एक नेक आदर्श के प्रति समर्पण को दर्शाता है। उन्होंने जॉर्ज वाशिंगटन और वोल्टेयर से लेकर भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद और अशफाकउल्ला खान जैसे भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों का उदाहरण दिया, जो अपने मकसद के प्रति निस्वार्थ प्रतिबद्धता से प्रेरित थे।
शामिल होने का निमंत्रण
इस घोषणा ने सोशल मीडिया पर चर्चा छेड़ दी है; कुछ लोग इस पहल को राजनीतिक व्यंग्य के तौर पर देख रहे हैं, तो कुछ इसे एक नया राजनीतिक मंच बनाने की सच्ची कोशिश मान रहे हैं। काटजू ने युवा भारतीयों को पार्टी में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है और हाल ही में तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा समेत कई जानी-मानी हस्तियों को भी निमंत्रण भेजा है। उन्होंने लिखा, “महुआ, CJP के जोकरों को भूल जाओ और हाल ही में बनी ‘इश्क़ करो पार्टी’ में शामिल हो जाओ, जिसका एजेंडा है, प्यार करो, जंग नहीं’।”
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