इस वर्ष अमरनाथ यात्रा(Amarnath Yatra) 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलेगी। हर साल लाखों श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए जम्मू-कश्मीर पहुंचते हैं। यात्रियों की बढ़ती संख्या और सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए इस बार प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को पहले से अधिक आधुनिक और तकनीक आधारित बनाने का फैसला किया है। यात्रा मार्ग पर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षाबलों की व्यापक तैनाती के साथ-साथ डिजिटल निगरानी प्रणाली को भी मजबूत किया जा रहा है।
पहली बार लागू किया गया ‘पहचान’ ऐप
अमरनाथ यात्रा के इतिहास में पहली बार सेवा प्रदान करने वाले लोगों के सत्यापन के लिए एक विशेष डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘पहचान’ ऐप को लागू किया गया है। इस पहल का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित और भरोसेमंद सेवाएं उपलब्ध कराना है।
यात्रा मार्ग पर घोड़े संचालक, पिट्ठू, कुली, टैक्सी चालक और दुकानदार जैसे सभी सेवा प्रदाताओं का पुलिस द्वारा सत्यापन किया जा रहा है। सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें एक विशेष क्यूआर कोड जारी किया जा रहा है, जो उनकी पहचान और वैधता का प्रमाण होगा।
QR कोड से मिलेगी पूरी जानकारी
नई व्यवस्था के तहत श्रद्धालु अपने मोबाइल फोन की मदद से किसी भी सेवा प्रदाता के क्यूआर कोड को स्कैन कर सकेंगे। स्कैन करते ही संबंधित व्यक्ति की सत्यापित जानकारी स्क्रीन पर दिखाई देगी। इससे यात्रियों को यह भरोसा मिलेगा कि वे जिस व्यक्ति की सेवाएं ले रहे हैं उसका पुलिस रिकॉर्ड सत्यापित है।
प्रशासन का मानना है कि इस कदम से न केवल यात्रियों का विश्वास बढ़ेगा, बल्कि किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधियों पर भी प्रभावी नियंत्रण रखा जा सकेगा। सुरक्षा एजेंसियों को भी लोगों की पहचान सत्यापित करने में आसानी होगी।
प्रशासन ने बताई नई व्यवस्था की खासियत
अनंतनाग जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) आमोद अशोक नागपुरे ने बताया कि यह सुरक्षा व्यवस्था यात्रा प्रबंधन में एक महत्वपूर्ण बदलाव है। उन्होंने बताया कि तकनीक आधारित यह प्रणाली सेवा प्रदाताओं की पहचान को पारदर्शी और विश्वसनीय बनाएगी।
उनके मुताबिक, ऐप के माध्यम से सभी संबंधित व्यक्तियों का रिकॉर्ड डिजिटल रूप से सुरक्षित रखा जाएगा। इससे किसी भी आपात स्थिति में आवश्यक जानकारी तुरंत प्राप्त की जा सकेगी। यह व्यवस्था सुरक्षा के साथ-साथ बेहतर प्रशासनिक समन्वय में भी मददगार साबित होगी।
सुरक्षा के लिए केंद्रीय बलों की बड़ी तैनाती
अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा को लेकर प्रशासन कोई जोखिम नहीं लेना चाहता। इसी उद्देश्य से इस वर्ष केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की लगभग 140 कंपनियों को तैनात करने की योजना बनाई गई है। ये बल यात्रा मार्ग, बेस कैंप, संवेदनशील क्षेत्रों और प्रमुख पड़ावों पर सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे।
इसके अलावा निगरानी तंत्र को और प्रभावी बनाने के लिए आधुनिक उपकरणों, संचार प्रणालियों और सुरक्षा प्रोटोकॉल को भी मजबूत किया जा रहा है। प्रशासन लगातार सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा कर रहा है ताकि यात्रा के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो।