प्रवर्तन निदेशालय (ED) 2 जून को अनिल अग्रवाल के नेतृत्व वाले वेदांता ग्रुप के ठिकानों पर तलाशी ले रहा है। ये तलाशी रॉयल्टी भुगतान से जुड़े विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के नियमों के कथित उल्लंघन से संबंधित है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब कंपनी एक डीमर्जर की प्रक्रिया को लागू करने में जुटी है, जिसके तहत मौजूदा कारोबार को पाँच अलग-अलग वर्टिकल्स में बांटा जा रहा है।
STORY | ED searches against Vedanta Group in FEMA case
The Enforcement Directorate has initiated a foreign exchange "violation" investigation against global mining conglomerate Vedanta Group and conducted searches at its premises, officials said on Tuesday.
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— Press Trust of India (@PTI_News) June 2, 2026
ये तलाशी वेदांता द्वारा अपनी मूल कंपनी, वेदांता रिसोर्सेज को किए गए रॉयल्टी भुगतान की जांच से जुड़ी है। ये तलाशी मुंबई और दिल्ली स्थित वेदांता के कार्यालयों में की जा रही है। सुबह 11.45 बजे, वेदांता का शेयर 0.7 प्रतिशत की गिरावट के साथ 334.6 रुपये पर कारोबार कर रहा था।
वेदांता के एक प्रवक्ता ने कहा, “हम अधिकारियों को पूरा सहयोग दे रहे हैं और मांगी गई सभी जानकारी उपलब्ध करा रहे हैं। कंपनी सभी लागू कानूनों और नियमों का पालन करने के लिए प्रतिबद्ध है। चूंकि यह मामला अभी नियामक प्रक्रिया के अधीन है, इसलिए हम इस चरण पर इस पर आगे कोई टिप्पणी नहीं कर सकते।”

