केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE Class 12) ने कक्षा 12वीं के छात्रों के लिए री-इवैल्यूएशन और अंकों के सत्यापन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। शुक्रवार, 29 मई से विद्यार्थी आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच के लिए आवेदन कर सकते हैं। इस बार बोर्ड ने पूरी प्रक्रिया को डिजिटल बनाया है जिससे छात्रों को अधिक पारदर्शिता और सुविधा मिलने की उम्मीद है।
CBSE द्वारा लागू की गई यह नई व्यवस्था तकनीकी सहयोग के साथ तैयार की गई है। इसमें देश के प्रतिष्ठित संस्थानों और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की मदद ली गई है ताकि प्रक्रिया को तेज, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जा सके। बोर्ड का कहना है कि डिजिटल सिस्टम से छात्रों को अपने उत्तरों की स्थिति समझने और त्रुटियों की जांच कराने में आसानी होगी।
तय समय सीमा में करना होगा आवेदन
बोर्ड की ओर से जारी शेड्यूल के अनुसार, छात्रों को पहले अपनी स्कैन की हुई उत्तर पुस्तिकाएं प्राप्त करनी थीं। इसके बाद अब वे अंकों के सत्यापन और री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन कर सकते हैं।
महत्वपूर्ण तारीखें इस प्रकार हैं:
स्कैन कॉपी प्राप्त करने की अवधि: 20 मई से 25 मई 2026 अंकों के सत्यापन की प्रक्रिया: 26 मई 2026 री-इवैल्यूएशन आवेदन की शुरुआत: 29 मई 2026
छात्र अपने पहले से बने लॉगिन क्रेडेंशियल्स के जरिए सीबीएसई के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन लिंक वेबसाइट पर उपलब्ध कराया जाएगा। छात्र अपनी आवश्यकता के अनुसार इनमें से किसी भी विकल्प का चयन कर सकते हैं। हालांकि, री-इवैल्यूएशन केवल उन्हीं विषयों में संभव होगा जिनकी स्कैन कॉपी पहले प्राप्त की जा चुकी हो।
फीस और नियमों को समझना जरूरी
हर चरण के लिए अलग-अलग शुल्क निर्धारित किया गया है। छात्रों को आवेदन करते समय यह फीस ऑनलाइन जमा करनी होगी।
स्कैन कॉपी के लिए शुल्क: 100 रुपये प्रति विषय अंकों के सत्यापन के लिए शुल्क: 100 रुपये प्रति विषय री-इवैल्यूएशन के लिए शुल्क: 25 रुपये प्रति प्रश्न
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि री-इवैल्यूएशन के दौरान छात्र केवल उन्हीं प्रश्नों का चयन कर सकते हैं जिनकी वे दोबारा जांच करवाना चाहते हैं। चयनित प्रश्नों के अलावा बाकी उत्तरों की समीक्षा नहीं की जाएगी।