Hamirpur Bridge Collapse: उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में गुरुवार देर रात बड़ा हादसा हो गया। बेतवा नदी पर बन रहे निर्माणाधीन पुल का एक हिस्सा अचानक ढह गया, जिससे नीचे सो रहे मजदूर मलबे में दब गए। इस दर्दनाक हादसे में छह मजदूरों की मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच गई और राहत-बचाव अभियान शुरू कर दिया गया।
CM योगी ने राहत कार्य तेज करने के दिए निर्देश
मुख्यमंत्री योगी ने हादसे पर गहरा दुख जताया है। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों के लिए 5-5 लाख रुपये और घायलों के लिए 50,000 रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की है। उन्होंने अधिकारियों को तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए हर संभव सहायता उपलब्ध कराने को कहा है। उन्होंने घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की।
CM योगी ने जताया दुख
UP CM योगी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि ‘जनपद हमीरपुर में बेतवा नदी पर एक दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना में हुई जनहानि अत्यंत दुःखद एवं हृदय विदारक है। मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिजनों के साथ हैं। जिला प्रशासन को एसडीआरएफ के साथ मिलकर राहत और बचाव कार्य तेजी से संचालित करने हेतु निर्देश दिए हैं। प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को अपने श्री चरणों में स्थान एवं घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें।’
जनपद हमीरपुर में बेतवा नदी पर एक दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना में हुई जनहानि अत्यंत दुःखद एवं हृदय विदारक है।
मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिजनों के साथ हैं।
जिला प्रशासन को SDRF के साथ मिलकर राहत और बचाव कार्य तेजी से संचालित करने हेतु निर्देश दिए हैं।
प्रभु श्री राम से प्रार्थना…
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) May 29, 2026
रात 2 बजे मिली हादसे की सूचना
हमीरपुर के अपर पुलिस अधीक्षक अरविंद कुमार वर्मा के अनुसार, 28 और 29 मई की मध्यरात्रि करीब 2 बजे सूचना मिली कि थाना लालपुर क्षेत्र में मोराकंदर और कुरारा की मवाईजार को जोड़ने के लिए बनाए जा रहे पुल का स्लैब गिर गया है। हादसे के समय कई मजदूर पुल के नीचे सो रहे थे, जो मलबे में दब गए।
तीन मजदूर खंभे पर फंसे
प्रशासन के मुताबिक हादसे के बाद कुछ मजदूर पुल के खंभों पर फंस गए थे। एसडीआरएफ और स्थानीय पुलिस की टीम लगातार उन्हें सुरक्षित निकालने में जुटी रही। अधिकारियों ने बताया कि मलबा हटाने का काम युद्धस्तर पर किया गया, ताकि दबे लोगों को जल्द बाहर निकाला जा सके।
बांदा और हमीरपुर के मजदूरों की गई जान
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसे में जान गंवाने वाले मजदूर बांदा और हमीरपुर जिलों के रहने वाले थे। हादसे के बाद मृतकों के परिवारों में मातम पसरा हुआ है। स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से हादसे की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
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