उत्तर प्रदेश इन दिनों भीषण गर्मी और बदलते मौसम की दोहरी मार झेल रहा है। एक ओर जहां कई जिलों में तेज धूप और लू ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है, वहीं दूसरी तरफ अचानक आए आंधी-तूफान और बारिश(Rain Alert) ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया। बांदा जिला प्रदेश में सबसे ज्यादा गर्मी वाला इलाका बना हुआ है जहां तापमान लगातार लोगों को परेशान कर रहा है।
पिछले दो दिनों में लखीमपुर, गोंडा और सीतापुर समेत कई जिलों में तेज हवाओं और बारिश ने भारी तबाही मचाई। कई जगह मकानों की दीवारें गिर गईं जबकि टीन-शेड उड़ने की घटनाएं भी सामने आईं। तेज तूफान के कारण लोगों में डर और अफरातफरी का माहौल देखने को मिला। इन हादसों में अब तक 8 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि कई लोग घायल बताए जा रहे हैं।
आग और तूफान से बढ़ी परेशानी
लखीमपुर जिले के कारीबडेरी गांव में तेज आंधी के दौरान लगी आग ने बड़ा नुकसान पहुंचाया। आग की चपेट में आकर करीब 40 घर जलकर राख हो गए। ग्रामीणों ने किसी तरह अपनी जान बचाई लेकिन कई परिवारों का सामान पूरी तरह नष्ट हो गया। तेज हवाओं के कारण बिजली के खंभे और पेड़ भी गिर गए जिससे कई गांवों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई।
ग्रामीण इलाकों में खराब मौसम का असर सबसे ज्यादा देखने को मिला। कई किसानों की खड़ी फसलें बर्बाद हो गईं जिससे उनकी चिंता बढ़ गई है। लगातार बदलते मौसम ने खेती-किसानी पर भी गहरा असर डाला है।
रेल सेवाएं भी हुईं प्रभावित
गोंडा जिले में मनकापुर-अयोध्या रेल मार्ग पर तूफान के दौरान पेड़ गिरने से ट्रैक बाधित हो गया। इसके चलते कई ट्रेनों के रूट बदलने पड़े और यात्रियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। रेलवे कर्मचारियों ने घंटों की मशक्कत के बाद ट्रैक को साफ कराया जिसके बाद रेल संचालन सामान्य हो सका।
सरकार ने दिए राहत कार्य तेज करने के निर्देश
प्रदेश में हुए नुकसान को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दुख जताया है। उन्होंने अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही प्रभावित परिवारों और किसानों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया गया है। प्रशासनिक टीमें प्रभावित इलाकों में हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
30 मई तक बारिश और आंधी का अलर्ट
मौसम विभाग ने 28 से 30 मई तक उत्तर प्रदेश सहित उत्तर भारत के कई राज्यों में तेज बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की है। दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में भी मौसम बदलने की संभावना जताई गई है। कुछ इलाकों में धूल भरी आंधी और ओलावृष्टि भी हो सकती है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिल सकता है। बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी और पंजाब-हरियाणा के ऊपर बने चक्रवाती सिस्टम के कारण उत्तर भारत में बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना है।
गर्मी से मिल सकती है राहत
IMD के मुताबिक बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है जिससे लोगों को हीटवेव से राहत मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से झुलसा देने वाली गर्मी का सामना कर रहे लोगों के लिए आने वाले दिन राहतभरे साबित हो सकते हैं। मौसम सुहावना होने से लोगों को गर्म हवाओं और उमस से कुछ राहत मिलने की संभावना जताई जा रही है।