पठानकोट पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने भारतीय सेना और अर्धसैनिक बलों की गोपनीय गतिविधियों की जानकारी पाकिस्तान भेजने वाले एक बड़े हाई-टेक जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इस मामले में गुरदासपुर से 3 और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें मुख्य आरोपी बलजीत सिंह उर्फ बीतू का सगा भाई हरदीप सिंह भी शामिल है।
अब तक 5 आरोपी गिरफ्तार
इस मामले में अब तक कुल 5 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। वहीं एक आरोपी अभी फरार बताया जा रहा है और दो अन्य पहले से जेल में बंद हैं।
CCTV कैमरों से भेजी जानकारी
जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने पठानकोट के सुजानपुर इलाके में NH-44 पर पुल नंबर 4 और 5 के बीच स्थित एक दुकान पर खास तरीके से CCTV कैमरे लगाए थे। इन कैमरों की मदद से भारतीय सेना और अर्धसैनिक बलों के काफिलों की लाइव मूवमेंट रिकॉर्ड की जा रही थी। पुलिस के अनुसार यह लाइव फीड इंटरनेट के जरिए सीधे पाकिस्तान में बैठे ISI हैंडलर्स तक पहुंचाई जा रही थी।
ऐसे हुआ नेटवर्क का खुलासा
सुरक्षा एजेंसियों को खुफिया इनपुट मिले थे कि पठानकोट क्षेत्र में देश की सुरक्षा से जुड़ी संवेदनशील जानकारी लीक की जा रही है। इसके बाद 21 मई को सुजानपुर थाने में मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान पुलिस ने सबसे पहले चक्क धारीवाल गांव निवासी बलजीत सिंह उर्फ बीतू को गिरफ्तार किया, जिसे इस नेटवर्क का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। इसके बाद 22 मई को अंकित शर्मा को पकड़ा गया, जिसकी दुकान पर कैमरे लगाए गए थे।इसके बाद 24 मई को पुलिस ने हरदीप सिंह को गिरफ्तार किया, जिसने मोबाइल फोन छिपाने में मदद की। वहीं 25 मई को गुरदासपुर के संदलपुर गांव निवासी बलजिंदर सिंह उर्फ विक्की और तरनप्रीत सिंह उर्फ तन्नू को गिरफ्तार किया गया।
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