UP University Uniform Rule: UP के सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में अब यूनिफॉर्म पहनना जरुरी होगा। राज्यपाल और कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल के निर्देशों के बाद कॉलेजों में ड्रेस कोड लागू करने को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारी शुरू हो गई है। इस फैसले के लागू होने के बाद कॉलेज और यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स को लागू यूनिफॉर्म पहनकर ही कैंपस में एंट्री करनी होगी।
75% अटेंडेंस भी होगी जरूरी
राज्यपाल पहले ही प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में 75% अटेंडेंस जरुरी करने के निर्देश दे चुकी हैं। साफ कर दिया गया है कि 75% अटेंडेंस पूरी नहीं करने वाले छात्रों को एग्जाम में बैठने की अनुमति नहीं मिलेगी। इस फैसले का उद्देश्य छात्रों की पढ़ाई और अनुशासन को मजबूत करना बताया जा रहा है।
कॉलेजों में बढ़ेगी निगरानी
उच्च शिक्षा संस्थानों में केवल यूनिफॉर्म ही नहीं, बल्कि बायोमैट्रिक अटेंडेंस और CCTV निगरानी को भी तेजी से लागू किया जा रहा है। प्रशासन का मानना है कि इससे कैंपस में अनुशासन बनाए रखने, सुरक्षा मजबूत करने और छात्रों की गतिविधियों पर निगरानी रखने में मदद मिलेगी। कई विश्वविद्यालयों में इन व्यवस्थाओं को लागू करने की प्रक्रिया शुरू भी हो चुकी है।
छात्रों के बीच शुरू हुई बहस
यूनिफॉर्म को अनिवार्य बनाए जाने के प्रस्ताव पर छात्रों के अलग-अलग रिएक्शन सामने आ रहे हैं। सोशल मीडिया और छात्र समूहों में कई छात्र इसे कॉलेजों को स्कूल जैसा बनाने वाला फैसला बता रहे हैं। उनका कहना है कि विश्वविद्यालय स्वतंत्र सोच, व्यक्तित्व विकास और अभिव्यक्ति की आजादी के लिए होते हैं, ऐसे में सख्त ड्रेस कोड छात्रों की अपनी पर्सनल पहचान को सीमित कर सकता है।
फैसले के समर्थन में भी आए लोग
वहीं दूसरी ओर कई अभिभावक और शिक्षा से जुड़े लोग इस फैसले को सही मान रहे हैं। उनका कहना है कि यूनिफॉर्म लागू होने से समानता की भावना बढ़ेगी, छात्रों के बीच भेदभाव कम होगा और कैंपस में अनुशासन बेहतर बनेगा। सुरक्षा के लिहाज से भी इसे बेहतर माना जा रहा है।
उच्च शिक्षा व्यवस्था में लगातार हो रहे बदलाव
उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ महीनों से उच्च शिक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं। परीक्षा प्रणाली को डिजिटल बनाने, ऑनलाइन पेपर वितरण, CCTV निगरानी, बायोमैट्रिक उपस्थिति और AKTU मॉडल जैसे कई फैसलों ने विश्वविद्यालयों की कार्यप्रणाली को तेजी से बदलना शुरू कर दिया है। अब यूनिफॉर्म व्यवस्था को इसी बदलाव की अगली कड़ी माना जा रहा है।
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