छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर(Raipur Jewelry Shop) से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है जहां वर्षों से भरोसे के साथ काम कर रहे एक कर्मचारी पर करोड़ों रुपये के सोने के जेवर गायब करने का आरोप लगा है। घटना सदर बाजार स्थित एक प्रतिष्ठित ज्वेलरी दुकान की है जिसने व्यापारिक जगत में भी हलचल मचा दी है। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपी की तलाश की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, कारोबारी सुरेश भंसाली सदर बाजार में “मनोहरमल एंड कंपनी” नाम से सोने-चांदी के आभूषणों का कारोबार करते हैं। उनकी दुकान में सूरज साहू नाम का कर्मचारी पिछले करीब 16 वर्षों से काम कर रहा था। लंबे समय से जुड़े होने के कारण कारोबारी को उस पर पूरा भरोसा था और दुकान के कई महत्वपूर्ण काम उसी की जिम्मेदारी में थे।
भरोसे का उठाया फायदा
बताया जा रहा है कि दुकान में रोजाना डिस्प्ले पर रखे जाने वाले महंगे आभूषणों को दिन खत्म होने के बाद सुरक्षित लॉकर में रखने की जिम्मेदारी भी सूरज साहू के पास थी। लेकिन इसी भरोसे का फायदा उठाकर उसने कथित तौर पर बड़ी चोरी को अंजाम दिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि 9 अप्रैल 2026 को दुकान बंद होने के दौरान आरोपी ने कुछ सोने के जेवर लॉकर में जमा नहीं किए और उन्हें अपने पास ही रख लिया। उस समय किसी कर्मचारी या मालिक को इस बात की भनक नहीं लगी। दुकान का काम सामान्य तरीके से चलता रहा।
कुछ दिनों बाद, 13 अप्रैल को जब नियमित स्टॉक मिलान किया गया, तब सोने के आभूषणों की कमी सामने आई। रिकॉर्ड की जांच में करीब 1495 ग्राम से अधिक सोना गायब पाया गया। यह देखकर कारोबारी और कर्मचारियों के बीच हड़कंप मच गया। दुकान प्रबंधन ने पहले कर्मचारियों से पूछताछ की लेकिन कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी।
CCTV में कैद हुई तस्वीरें
इसके बाद दुकान में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली गई। फुटेज में कथित तौर पर सूरज साहू को शाम करीब 4 बजकर 21 मिनट पर कुछ जेवर अपने साथ ले जाते हुए देखा गया। वीडियो सामने आने के बाद संदेह और गहरा गया। बताया जा रहा है कि चोरी हुए जेवरों में अलग-अलग डिजाइन के महंगे सोने के आभूषण शामिल हैं जिनकी कुल कीमत लगभग 2 करोड़ रुपये आंकी गई है।
मामला सामने आने के बाद कारोबारी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी कर्मचारी के खिलाफ गबन और अमानत में खयानत से संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया है। फिलहाल आरोपी फरार बताया जा रहा है और उसके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।
जांच में जुटी पुलिस
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, जांच में CCTV फुटेज के साथ-साथ अन्य तकनीकी साक्ष्यों को भी शामिल किया गया है। मोबाइल लोकेशन और संपर्कों की जानकारी जुटाई जा रही है ताकि आरोपी तक जल्द पहुंचा जा सके।
यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि लंबे समय से जुड़े लोगों पर आंख बंद कर भरोसा करना कभी-कभी भारी पड़ सकता है। व्यापारिक संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था और नियमित निगरानी कितनी जरूरी है यह मामला उसका बड़ा उदाहरण बनकर सामने आया है।