Sanjeev Arora ED Case: पंजाब सरकार के मंत्री संजीव अरोड़ा की गिरफ्तारी के बाद ED ने जांच का दायरा और बढ़ा दिया है। सोमवार को पंजाब के दो विभागों के अधिकारियों समेत पांच लोगों को ईडी के सामने पेश होना है। इन पेशियों को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। सभी को सुबह 10 बजे जरूरी रिकॉर्ड के साथ तलब किया गया है।
हाईकोर्ट और गुरुग्राम कोर्ट में भी सुनवाई
मामले में आज अदालतों में भी अहम सुनवाई होनी है। संजीव अरोड़ा ने अपनी गिरफ्तारी और रिमांड को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की है, जिस पर आज सुनवाई होगी। इस दौरान ईडी अदालत में अपना जवाब दाखिल करेगी। दूसरी तरफ, दो दिन की रिमांड खत्म होने के बाद अरोड़ा को आज गुरुग्राम की अदालत में भी पेश किया जाएगा, जहां आगे की रिमांड पर फैसला हो सकता है।
गमाडा के अफसर से मांगा गया रिकॉर्ड
ईडी की जालंधर यूनिट ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी यानी गमाडा के चीफ एडमिनिस्ट्रेटर संदीप सिंह को समन जारी किया है। उन्हें न्यू चंडीगढ़ में चल रहे रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स से जुड़े रिकॉर्ड के साथ पेश होने के लिए कहा गया है। बताया जा रहा है कि जिन बिल्डरों के यहां 8 और 9 मई को ईडी ने छापेमारी की थी, उनसे जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जाएगी।
नोटों की बारिश के बाद गर्माई थी राजनीति
ईडी की छापेमारी के दौरान खरड़ की एक सोसाइटी में करीब 21 लाख रुपये की नोटों की बारिश का मामला सामने आया था। इस घटना के बाद पंजाब की राजनीति में जबरदस्त हलचल मच गई थी। जांच एजेंसी अब रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स और वित्तीय लेनदेन की कड़ियों को खंगाल रही है।
पावरकॉम अधिकारियों पर भी ED की नजर
ईडी ने पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के चेयरमैन-कम-मैनेजिंग डायरेक्टर बसंत गर्ग और डायरेक्टर (कमर्शियल) हरशरण कौर त्रेहन को भी तलब किया है। इनके अलावा कारोबारी हेमंत सूद और चंद्रशेखर अग्रवाल को भी पेश होने के आदेश दिए गए हैं।
बैंक गारंटी विवाद की जांच तेज
ईडी के मुताबिक, यह मामला संजीव अरोड़ा से जुड़ी कंपनी रितेश प्रॉपर्टीज एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड को फायदा पहुंचाने से जुड़ा है। आरोप है कि कंपनी ने बिजली सप्लाई का वोल्टेज बदलने के लिए आवेदन किया था और इसके बाद करीब 1.97 करोड़ रुपये की पुरानी बैंक गारंटी वापस लेने की मांग की गई। जांच एजेंसी का दावा है कि बिना नई संशोधित बैंक गारंटी जमा करवाए ही अगले दिन पुरानी गारंटी रिलीज कर दी गई।
नियमों को दरकिनार करने के आरोप
ईडी यह जांच कर रही है कि क्या तत्कालीन बिजली मंत्री संजीव अरोड़ा के दबाव या मिलीभगत से पावरकॉम अधिकारियों ने नियमों को नजरअंदाज करते हुए कंपनी को वित्तीय लाभ पहुंचाया। एजेंसी अब संबंधित अधिकारियों और कारोबारी साझेदारों से पूछताछ कर वित्तीय लेनदेन और दस्तावेजों की जांच करेगी।
बेनामी संपत्तियों और शेल कंपनियों पर फोकस
ईडी को संदेह है कि अवैध वित्तीय लेनदेन, शेल कंपनियों के जरिए फंड रूटिंग और संदिग्ध निवेशों में कारोबारी साझेदारों की भूमिका हो सकती है। जांच एजेंसी संजीव अरोड़ा से जुड़ी बेनामी संपत्तियों और गुरुग्राम में जमीन खरीद के मामलों की भी पड़ताल कर रही है।
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