General Upendra Dwivedi On Pakistan Terrorism: इंडियन आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पाकिस्तान को आतंकवाद के मुद्दे पर बेहद कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने साफ कहा कि यदि पाकिस्तान आतंकवादियों को पनाह देना और भारत के खिलाफ साजिशें रचना बंद नहीं करता, तो उसे तय करना होगा कि वह दुनिया के भूगोल का हिस्सा बने रहना चाहता है या इतिहास का हिस्सा बनकर रह जाना चाहता है। सेना प्रमुख के इस बयान से यह साबित होता है कि, भारत आतंकवाद को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करने वाला है।
मानेकशॉ सेंटर में दिया बड़ा बयान
नई दिल्ली स्थित मानेकशॉ सेंटर में आयोजित एक संवाद कार्यक्रम के दौरान जनरल द्विवेदी से सवाल पूछा गया था कि यदि भविष्य में फिर से ऑपरेशन सिंदूर जैसी स्थिति बनती है तो भारतीय सेना की प्रतिक्रिया क्या होगी। इसके जवाब में उन्होंने पाकिस्तान को सीधे चेतावनी देते हुए कहा कि आतंकवाद को समर्थन देने की नीति जारी रही तो उसके गंभीर परिणाम होंगे।
‘आतंकवाद जारी रहा तो परिणाम भी गंभीर होंगे- सेना प्रमुख
सेना प्रमुख ने कहा कि पाकिस्तान को यह समझना होगा कि आतंकवाद को बढ़ावा देकर वह खुद अपने भविष्य को खतरे में डाल रहा है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि भारत अपनी सुरक्षा और संप्रभुता से किसी तरह का कोई समझौता नहीं करेगा। उनके बयान से साफ है कि भारत भविष्य में किसी भी आतंकी हमले का जवाब और अधिक मजबूती से देने के लिए तैयार है।
ऑपरेशन सिंदूर की वर्षगांठ के बीच आया बयान
जनरल द्विवेदी का यह बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब देश और भारतीय सेना ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ मना रहे हैं। पिछले साल सात मई को शुरू किए गए इस ऑपरेशन को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब के रूप में लॉन्च किया गया था। इस हमले में कई लोगों की जान गई थी, जिसके बाद भारतीय सेना ने जवाबी कार्रवाई की थी।
VIDEO | Delhi: "… If Pakistan continues to harbour terrorists and operate against India, then they have to decide, whether they want to be part of geography and history or not," says Army Chief General Upendra Dwivedi, at Sena Samvad, a civil-military interaction.
(Full… pic.twitter.com/Ms7Ko1hMQk
— Press Trust of India (@PTI_News) May 16, 2026
पाकिस्तान और PoK में आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर यानी Pakistan-occupied Kashmir में मौजूद आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था। सेना ने सटीक कार्रवाई करते हुए कई आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया था। इसके बाद पाकिस्तान ने भी भारत पर जवाबी हमले की कोशिश की, लेकिन भारतीय सेना ने उन प्रयासों को विफल कर दिया।
88 घंटे तक चला था सैन्य तनाव
भारत और पाकिस्तान के बीच यह सैन्य तनाव करीब 88 घंटे तक चला था। दोनों परमाणु संपन्न देशों के बीच बढ़ते तनाव ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता बढ़ा दी थी। हालांकि 10 मई की शाम दोनों पक्षों के बीच बनी आपसी समझ के बाद हालात सामान्य होने लगे थे और संघर्ष पर विराम लगा था।
भारत ने फिर दोहराया अपना रुख
सेना प्रमुख के ताजा बयान ने यह साफ कर दिया है कि भारत आतंकवाद के खिलाफ अपनी नीति में किसी प्रकार की नरमी बरतने के मूड में नहीं है। भारत लगातार यह संदेश देता रहा है कि सीमा पार से होने वाली आतंकी गतिविधियों का जवाब कड़े तरीके से दिया जाएगा। जनरल द्विवेदी का बयान उसी रणनीतिक सोच का हिस्सा माना जा रहा है।
सुरक्षा को लेकर भारत पूरी तरह सतर्क
भारतीय सेना ने एक बार फिर यह बता दिया है कि देश की सुरक्षा सबसे पहले आती है। आतंकवाद और सीमा पार से होने वाली गतिविधियों को लेकर भारत अब पहले से अधिक आक्रामक और सतर्क रणनीति अपना रहा है। सेना प्रमुख की चेतावनी को पाकिस्तान के लिए बड़ी वार्निंग और भारत की साफ नीति के रूप में देखा जा रहा है।
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