इज़राइल ने पिछले महीने हुए सीज़फ़ायर के बाद से बेरूत पर अपना पहला हवाई हमला किया, और दावा किया कि उसने हिज़्बुल्लाह की एलीट रदवान फ़ोर्स के एक कमांडर को मार गिराया है। इज़राइली सेना ने बताया कि बुधवार को हुए इस हमले में बेरूत के दक्षिणी उपनगरों को निशाना बनाया गया था। कमांडर की मौत के बारे में हिज़्बुल्लाह की ओर से तत्काल कोई पुष्टि नहीं की गई।
इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और रक्षा मंत्री इज़राइल काट्ज़ ने एक संयुक्त बयान में इस ऑपरेशन की घोषणा की। इस हमले से उस नाज़ुक सीज़फ़ायर समझौते पर दबाव बढ़ गया है, जिसने बेरूत पर इज़राइली हमलों को रोक रखा था, हालाँकि, इज़राइली सैनिक लिटानी नदी के दक्षिण में अपना अभियान जारी रखे हुए थे और दक्षिणी लेबनान में लगातार हमले कर रहे थे।
ड्रोन दागकर इज़राइली अभियानों का दिया जवाब
ईरान के समर्थन वाले हिज़्बुल्लाह ने सीमा के पास तैनात इज़राइली सैनिकों पर रॉकेट और हथियारबंद ड्रोन दागकर इज़राइली अभियानों का जवाब दिया है।लेबनान सीज़फ़ायर को ईरान और अमेरिका के बीच चल रही व्यापक क्षेत्रीय वार्ताओं का एक अहम हिस्सा भी माना जा रहा है। ख़बरों के मुताबिक, तेहरान ने वॉशिंगटन के साथ चल रही बातचीत के दौरान लेबनान में इज़राइली हमलों को रोकने पर ज़ोर दिया था।
इस बीच, इज़राइल ने लिटानी नदी के उत्तर में स्थित कई गाँवों के निवासियों को वहाँ से हटने की चेतावनी भी जारी की है, जिससे यह संकेत मिलता है कि सैन्य अभियानों का दायरा और बढ़ सकता है।
लेबनान में 2,700 से ज़्यादा लोग मारे जा चुके
लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ़ सलाम ने कहा कि, वॉशिंगटन में हाल ही में राजदूत-स्तर की बैठकें होने के बावजूद, लेबनान और इज़राइल के बीच किसी भी उच्च-स्तरीय कूटनीतिक बातचीत के बारे में बात करना अभी जल्दबाज़ी होगी।
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, मार्च में लड़ाई तेज़ होने के बाद से अब तक लेबनान में 2,700 से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं, वहीं, इज़राइल का कहना है कि इस संघर्ष के दौरान हिज़्बुल्लाह ने उसके क्षेत्र में सैकड़ों रॉकेट और ड्रोन दागे हैं।
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