मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले से एक ऐसी प्रेम कहानी(Chhatarpur love story) सामने आई है, जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। केंद्रीय जेल सतना में कार्यरत सहायक जेल अधीक्षक फिरोजा खातून ने एक ऐसे व्यक्ति के साथ विवाह किया है, जो कभी हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट चुका था।
फिरोजा खातून मूल रूप से रीवा की रहने वाली हैं और केंद्रीय जेल सतना में तैनात हैं। वहीं, छतरपुर जिले के चंदला निवासी धर्मेंद्र सिंह जेल में वारंट से जुड़े कार्यों में सहयोग करता था। ड्यूटी के दौरान दोनों की मुलाकात हुई और धीरे-धीरे बातचीत दोस्ती में बदल गई। समय के साथ यह रिश्ता गहरा होता गया और दोनों ने साथ जीवन बिताने का फैसला कर लिया।
करीब 4 साल पहले जेल से हुए थे रिहा
धर्मेंद्र सिंह करीब चार साल पहले जेल से रिहा हुआ था। बताया जाता है कि अच्छे आचरण के आधार पर उसे रिहाई मिली थी। इसके बाद दोनों ने सामाजिक और पारिवारिक दबावों की परवाह किए बिना शादी करने का निर्णय लिया।
5 मई को लवकुशनगर स्थित एक मैरिज हाउस में दोनों ने हिंदू रीति-रिवाज और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विवाह किया। शादी को लेकर एक और बात चर्चा में रही कि फिरोजा खातून के परिजन इस रिश्ते से सहमत नहीं थे और समारोह में शामिल नहीं हुए। ऐसे में बजरंग दल के कुछ कार्यकर्ताओं ने विवाह में कन्यादान की रस्म निभाई।
रिश्ते ने पेश की प्रेम और आपसी विश्वास की मिसाल
यह विवाह सामने आने के बाद केंद्रीय जेल सतना और आसपास के इलाकों में चर्चा का विषय बन गया। लोग इस रिश्ते को प्रेम, सामाजिक सौहार्द और आपसी विश्वास की मिसाल के तौर पर देख रहे हैं।
गौरतलब है कि धर्मेंद्र सिंह को वर्ष 2007 में चंदला नगर परिषद के तत्कालीन उपाध्यक्ष कृष्ण दत्त दीक्षित की हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया था। अदालत ने उसे उम्रकैद की सजा सुनाई थी और वह करीब 14 साल तक जेल में रहा। अब रिहाई के बाद उसकी यह शादी पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र में चर्चा का केंद्र बनी हुई है।