फरवरी में कोलकाता के गोलपार्क इलाके की कंकुलिया रोड पर दो गुटों के बीच हिंसक झड़प हुई थी, जिसमें बम फेंके जाने गोलीबारी और पथराव जैसी घटनाएं सामने आईं। इस मामले में पुलिस ने 10 लोगों को गिरफ्तार किया था। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस पूरे घटनाक्रम में सोनू पप्पू और उसके समर्थकों की भूमिका रही जिन्होंने बप्पी हलदर और उसके समूह पर हमला किया जिसके बाद दोनों पक्षों में टकराव और बढ़ गया।
बताया जाता है कि यह विवाद इलाके में वर्चस्व स्थापित करने की कोशिश से जुड़ा था। सोनू पप्पू पर पहले से ही आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगते रहे हैं। 2015 में उस पर बालीगंज रेल यार्ड पर कब्जे की कोशिश का मामला सामने आया था जबकि 2017 में इलाके के वर्चस्व को लेकर हुई हिंसा के दौरान एक व्यक्ति की हत्या के मामले में उसकी गिरफ्तारी भी हुई थी। हालांकि बाद में वह जमानत पर बाहर आ गया था।