पंजाब पुलिस आधुनिक तकनीक के जरिए कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। इसी कड़ी में पंजाब के DGP गौरव यादव ने मंगलवार 5 मई को लुधियाना दौरे के दौरान सिविल लाइंस स्थित पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने पुलिसकर्मियों के साथ भोजन और बेहतर प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को सम्मानित किया।
AI से लैस ट्रैफिक सिस्टम
DGP गौरव यादव ने बताया कि लुधियाना अब मोहाली और जालंधर के बाद पंजाब का तीसरा शहर बन गया है, जहां इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) पूरी तरह लागू हो चुका है। शहर के 46 प्रमुख स्थानों पर AI आधारित कैमरे लगाए गए हैं, जो ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों की पहचान कर अपने आप चालान जारी करेंगे। इसके अलावा, शहर की 259 लोकेशन पर करीब 1700 CCTV कैमरे लगाए गए हैं, जिससे निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी। ICCC के जरिए अब ट्रैफिक, इमरजेंसी रिस्पॉन्स (112) और वायरलेस जैसी सभी इकाइयां एक ही प्लेटफॉर्म से संचालित होंगी। इससे पुलिस का रिस्पॉन्स टाइम घटकर 7 से 8 मिनट रह गया है, जो पहले के मुकाबले काफी तेज है।
तकनीक से अपराध पर नजर
DGP गौरव यादव ने कहा कि पंजाब पुलिस ने 2019 में ही AI तकनीक का इस्तेमाल शुरू कर दिया था। फिलहाल पुलिस के पास 4 लाख अपराधियों का डेटाबेस मौजूद है और करीब 84 हजार अपराधियों के वॉयस सैंपल भी रिकॉर्ड किए जा चुके हैं। पिछले चार वर्षों में पुलिस आधुनिकीकरण पर 1100 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। वहीं, साइबर विंग को 32 करोड़ रुपये से अपग्रेड किया गया है, जिससे पंजाब साइबर फ्रॉड रिकवरी में देश में चौथे स्थान पर पहुंच गया है।
गैंगस्टरों को दी चेतावनी
सीमावर्ती इलाकों की सुरक्षा को लेकर भी पुलिस ने खास तैयारी की है। इसलिए 585 स्थानों पर 2300 कैमरे लगाए गए हैं और राज्य में एंटी-ड्रोन सिस्टम भी सक्रिय है। फिलहाल तीन सिस्टम काम कर रहे हैं, जबकि छह और जल्द लगाए जाएंगे। DGP गौरव यादव ने साफ कहा कि अपराधी चाहे देश में हो या विदेश में, पंजाब पुलिस उन्हें पकड़कर ही दम लेगी। उन्होंने यह भी बताया कि 80-90% एक्सटॉर्शन कॉल फर्जी या लोकल गैंग्स द्वारा की जाती हैं।
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