रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज जम्मू तवी रेलवे स्टेशन से श्रीनगर-कटरा वंदे भारत एक्सप्रेस के विस्तार को हरी झंडी दिखाई। पहले यह ट्रेन केवल श्रीनगर और माता वैष्णो देवी कटरा के बीच चलती थी, लेकिन अब यह सीधे जम्मू तवी तक जाएगी। इससे जम्मू और कश्मीर के सबसे बड़े शहर और उसके मुख्य रेलवे हब के बीच सीधा संपर्क स्थापित हो गया है। उद्घाटन के बाद रेल मंत्री दुनिया के सबसे ऊंचे चिनाब पुल जो उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक (USBRL) का हिस्सा है और देश के पहले केबल-स्टेड अंजी पुल का भी निरीक्षण करेंगे।
अब वेटिंग लिस्ट की चिंता नहीं
जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 6 जून, 2025 को कटरा-श्रीनगर वंदे भारत को हरी झंडी दिखाई थी, तब इस ट्रेन में केवल 8 कोच थे। यात्रियों की भारी मांग और ट्रेन के लगातार पूरी क्षमता से चलने के कारण, अब इसकी संरचना का विस्तार करके इसमें 20 कोच कर दिए गए हैं। इससे बैठने की क्षमता दोगुनी से भी ज़्यादा हो जाएगी, जिससे पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए आरक्षण पाना आसान हो जाएगा। परिणामस्वरूप, पीक टूरिस्ट सीज़न के दौरान भी कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना काफी बढ़ जाएगी।
नियमित सेवा 2 मई से शुरू होगी
जम्मू-श्रीनगर वंदे भारत की नियमित सेवा 2 मई, 2026 से शुरू होगी। इस रूट पर ट्रेनों के दो जोड़े चलेंगे, जो 266 किलोमीटर की दूरी तय करेंगे, पहली ट्रेन (26401) जम्मू तवी से सुबह 6:20 बजे रवाना होगी और कटरा, रियासी और बनिहाल होते हुए श्रीनगर सुबह 11:10 बजे पहुंचेगी। अपनी वापसी यात्रा (26402) में यह श्रीनगर से दोपहर 2:00 बजे रवाना होगी और शाम 6:50 बजे जम्मू पहुंचेगी।
दूसरी ट्रेन (26404) श्रीनगर से सुबह 8:00 बजे रवाना होगी और दोपहर 12:40 बजे जम्मू पहुंचेगी। अपनी वापसी की यात्रा (26403) में यह जम्मू से दोपहर 1:20 बजे रवाना होगी और शाम 6:00 बजे श्रीनगर पहुंचेगी।
तीर्थयात्रा अब बिना ट्रेन बदले संभव
इस विस्तार का सबसे ज़्यादा फ़ायदा माता वैष्णो देवी की यात्रा करने वाले भक्तों को होगा। पहले दिल्ली या मुंबई से जम्मू आने वाले यात्रियों को ट्रेन से उतरकर कटरा पहुंचने के लिए अलग से गाड़ी ढूंढनी पड़ती थी, लेकिन अब वे सीधे जम्मू से ही वंदे भारत में सवार हो सकेंगे। इसके अलावा जो लोग वैष्णो देवी की यात्रा के साथ-साथ अमरनाथ की तीर्थयात्रा की योजना बना रहे हैं, वे अब बिना ट्रेन बदले सीधे श्रीनगर तक यात्रा कर सकेंगे।
संचालन बिना किसी रुकावट के जारी रहेगा
सर्दियों के महीनों में जब भारी बर्फ़बारी के कारण जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग अक्सर बंद हो जाता है, तब यह ट्रेन एक जीवनरेखा का काम करेगी। वंदे भारत को इस तरह से डिज़ाइन किया गया है कि यह -20 डिग्री सेल्सियस जितने कम तापमान में भी चल सके। इसमें आधुनिक हीटिंग सिस्टम और खास तरह के विंडशील्ड लगे हैं, जो बर्फ़बारी वाले मौसम में भी सुरक्षित और सुगम यात्रा सुनिश्चित करते हैं। नतीजतन, श्रीनगर के कारीगर और व्यापारी अपने सामान जैसे पश्मीना, केसर और अखरोट को कम समय और कम खर्च में जम्मू तक पहुंचा सकेंगे।
एफ़िल टावर से भी ऊंचा एक पुल
इस पूरी परियोजना का मुख्य आकर्षण 272 किलोमीटर लंबा USBRL (उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक) है, जिसे ₹43,780 करोड़ की लागत से बनाया गया है। इस लिंक में कुल 119 किलोमीटर लंबी 36 सुरंगें और 943 पुल शामिल हैं। इनमें से खास हैं 331 मीटर ऊंचा अंजी खड्ड पुल और चिनाब पुल जो नदी तल से 359 मीटर ऊंचा है और जो पेरिस के एफ़िल टावर से भी ज़्यादा ऊंचा है। इसके अलावा, जम्मू रेलवे मंडल और ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के तहत, जम्मू तवी, कटरा और बडगाम रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है।
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