पश्चिम चंपारण में एक कांस्टेबल ने अपने ही दोस्त को गोली मारकर हत्या कर दी, अदालत ने अब इस विश्वासघात की कीमत आजीवन कारावास और पाँच लाख रुपये का जुर्माना तय की है।
19 अप्रैल, 2025 की रात 10:30 बजे डिस्ट्रिक्ट पुलिस लाइंस स्थित कांस्टेबलों की बैरक के अंदर एक कांस्टेबल ने अपने दोस्त को गोलियों से भून दिया था। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-II, असिताभ कुमार की अदालत ने कांस्टेबल सर्वजीत कुमार को आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई है। सर्वजीत भोजपुर जिले के पायना थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले खानत गाँव का रहने वाला है।
शक के आधार पर की गई हत्या
अदालत ने पाँच लाख रुपये का जुर्माना भरने का भी आदेश दिया। अपर लोक अभियोजक सैयद अनवर हुसैन ने बताया कि आरोपी ने कांस्टेबल सोनू कुमार जो कैमूर जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र के रघुवीरगंज के रहने वाले थे उन्हें केवल शक के आधार पर गोली मारकर कर हत्या दी थी।
दोनों ही 2013 में बिहार पुलिस बल के लिए चुने गए थे। उनकी पहली पोस्टिंग मोतिहारी पुलिस बल में हुई थी, जहाँ से उनकी दोस्ती की शुरुआत हुई। 2022 में दोनों का तबादला बेतिया कर दिया गया।
दोनों में थी गहरी दोस्ती
सर्वजीत की शादी 2023 में हुई थी। उनकी गहरी दोस्ती के चलते सोनू भी शादी में शामिल हुआ था। दोनों दोस्त नियमित रूप से एक-दूसरे के पारिवारिक कार्यक्रमों और समारोहों में हिस्सा लेते थे। 2025 में सर्वजीत को शक होने लगा कि सोनू मोबाइल फोन के ज़रिए उसकी पत्नी से बातचीत कर रहा है।
इसी शक से प्रेरित होकर उसने अंधाधुंध गोलियाँ चला दीं, जिससे सोनू की मौत हो गई। मृतक की पत्नी द्वारा दिए गए बयान के आधार पर पुलिस ने मुफस्सिल थाने में प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज की और मामले की जाँच शुरू कर दी।
पुलिस जाँच के दौरान मृतक सोनू और सर्वजीत की पत्नी के मोबाइल कॉल डिटेल्स निकाले गए और उनका विश्लेषण किया गया। इन रिकॉर्ड्स से ऐसा कोई भी सबूत नहीं मिला जिससे यह ज़ाहिर होता हो कि दोनों के बीच किसी भी तरह की बातचीत हो रही थी। इस मामले में त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के लिए अदालत ने त्वरित सुनवाई प्रक्रिया के तहत अपना फैसला सुनाया, जिसमें 18 गवाहों की गवाही शामिल थी।
READ MORE: गुरदासपुर में गैस पाइपलाइन हुई लीक, पूरे इलाके में मचा हड़कंप

