Iran Execution Controversy: इस समय अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ता ही जा रहा है। किसी न किसी बात को लेकर दोनों देशों में जंग जारी है। लेकिन हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में कथित तौर पर फांसी का सामना कर रही आठ महिलाओं को लेकर बड़ा बयान दिया है। डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर इन महिलाओं की तस्वीरों वाला एक पोस्ट शेयर करते हुए ईरान के नेताओं से अपील की है कि ‘प्लीज उन्हें चोट मत पहुंचाना’ और उन्हें रिहा कर दिया जाए।
ट्रंप ने ईरान से की अपील
ट्रंप ने पोस्ट कर कहा, ‘मैं ईरान के नेताओं से कहूंगा, जो जल्द ही अमेरिकी डेलीगेशन से बातचीत करने वाले हैं, कि अगर आप इन महिलाओं को रिहा कर देते हैं तो मैं इसकी बहुत सराहना करूंगा। मुझे विश्वास है कि आप ऐसा करेंगे और महिलाएं भी इसका सम्मान करेंगी। कृपया उन्हें कोई नुकसान न पहुंचाएं। यह हमारी बातचीत की बेहतरीन शुरुआत होगी।’
"To the Iranian leaders, who will soon be in negotiations with my representatives: I would greatly appreciate the release of these women. I am sure that they will respect the fact that you did so. Please do them no harm! Would be a great start to our negotiations!!!" – President… pic.twitter.com/pxU8xZFvAh
— The White House (@WhiteHouse) April 21, 2026
ईरान ने खारिज किए दावे
हालांकि, ईरान की ओर से इन दावों को खारिज किया गया है। बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के अटॉर्नी जनरल ने स्पष्ट किया है कि आठ महिलाओं को फांसी दिए जाने की खबरें सही नहीं हैं।
वायरल पोस्ट से मचा बवाल
यह पूरा मामला एक वायरल सोशल मीडिया पोस्ट से शुरू हुआ, जिसे अयाल याकोबी नाम के एक यूजर ने साझा किया था। याकोबी ने दावा किया कि इस्लामिक रिपब्लिक ईरान आठ महिलाओं को फांसी देने की तैयारी कर रहा है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस पर चुप है।
पोस्ट में आठ महिलाओं की तस्वीरें भी शेयर की गईं
इस पोस्ट में आठ महिलाओं की तस्वीरें भी साझा की गईं, जिनके बारे में कहा गया कि उन्हें जल्द ही फांसी दी जा सकती है। पोस्ट में यह भी बताया गया कि इन महिलाओं को जनवरी में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान गिरफ्तार किया गया था। हालांकि, इन दावों की अब तक कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
कौन हैं ये महिलाएं
वायरल पोस्ट में जिन महिलाओं का जिक्र किया गया है, उनके नाम बीता हेम्मती, गजल गलंदरी, गोलनाज नराघी, वीनस हुसैन नेजाद, पनाह मोवाहेदी, एंसियेह नेजाती, महबूबेह शबानी और डायना ताहेर अबादी बताए गए हैं। बताया गया है कि बीता हेम्मती पर जनवरी में हुए प्रदर्शनों के दौरान विद्रोह भड़काने का आरोप है, जबकि वीनस हुसैन नेजाद पर विरोध में शामिल होने का आरोप लगाया गया है गोलनाज नराघी, जो तेहरान के एक अस्पताल में 37 वर्षीय इमरजेंसी मेडिसिन विशेषज्ञ हैं, जनवरी से जेल में हैं। वहीं, महबूबेह शबानी को फरवरी में गिरफ्तार किया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक, इन सभी महिलाओं की गिरफ्तारी को जनवरी में हुए विरोध प्रदर्शनों से जोड़ा जा रहा है।
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