राजस्थान के कोटा जिले से एक प्रेरणादायक मामला सामने आया है, जहां एक नाबालिग बच्ची की सूझबूझ और साहस ने उसका जीवन बदल दिया। 26 अप्रैल को तय बाल विवाह को बच्ची ने खुद मदद मांगकर रुकवा दिया। समय रहते प्रशासनिक टीम ने कार्रवाई करते हुए शादी रुकवा दी और बालिका को सुरक्षित संरक्षण में लिया।
हेल्पलाइन पर लगाई मदद की गुहार
जानकारी के अनुसार, नाबालिग बच्ची ने Childline India Foundation की हेल्पलाइन नंबर 1098 पर कॉल कर बताया कि उसके माता-पिता उसकी शादी झालावाड़ निवासी युवक से कराने की तैयारी कर रहे हैं। बच्ची ने साफ कहा कि वह शादी नहीं करना चाहती और विरोध करने पर उसके साथ मारपीट भी की जा रही है। फोन पर बच्ची ने भावुक अपील करते हुए कहा, “अंकल, मेरा बाल विवाह रुकवाओ, घर वाले मेरी शादी करने जा रहे हैं।”
दूसरी कॉल के बाद टीम ने किया रेस्क्यू
सूचना मिलते ही जिला बाल संरक्षण इकाई, बाल अधिकारिता विभाग और सृष्टि सेवा समिति की टीम सक्रिय हो गई। इसी दौरान बच्ची ने दोबारा कॉल कर बताया कि वह घर से निकलकर DCM रोड पर खड़ी है। इसके बाद टीम तुरंत मौके पर पहुंची और बच्ची को सुरक्षित अपने संरक्षण में ले लिया।
पुलिस थाने में दर्ज कराया मामला
कोटा पुलिस कार्रवाई के तहत काउंसलर महिमा पांचाल, सुपरवाइजर बंटी सुमन, केस वर्कर आकाश कुमार और जिला समन्वयक भूपेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे। टीम ने बच्ची से बातचीत कर पूरे मामले की जानकारी जुटाई इसके बाद बाल विवाह से जुड़े मामले को उद्योग नगर थाने में दर्ज कराया गया, ताकि आगे कानूनी कार्रवाई की जा सके।
प्रशासन ने दी सख्त चेतावनी
प्रशासन ने दो टूक कहा है कि बाल विवाह कानूनन अपराध है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि अगर कहीं भी बाल विवाह की जानकारी मिले तो तुरंत प्रशासन को सूचना दें।
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