Donald Trump Praises Delhi LG: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू को अमेरिका से बधाई संदेश भेजा है। ट्रंप ने उन्हें दिल्ली का नया लेफ्टिनेंट गवर्नर बनने पर शुभकामनाएं देते हुए उनकी कूटनीतिक क्षमता की सराहना की है।
ट्रुथ सोशल पर किया पोस्ट
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर तरनजीत सिंह संधू के साथ एक फोटो साझा करते हुए लिखा, ‘तरनजीत संधू को दिल्ली के नए उपराज्यपाल बनने की बधाई. अमेरिका में भारत के पूर्व राजदूत संधू एक अनुभवी कूटनीतिज्ञ हैं और उन्होंने हमेशा ही भारत-अमेरिकी संबंधों को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्धता दिखाई है।’
US President Donald Trump posts on his Truth Social, "Congratulations to Taranjit Sandhu on becoming the new Lt Governor of Delhi! As a seasoned Diplomat and former Ambassador to the United States, he has always shown deep commitment to strengthening the U.S.-India relationship.… pic.twitter.com/LCVBkN1F0o
— ANI (@ANI) April 16, 2026
विकास और वैश्विक भूमिका पर जोर
ट्रंप ने आगे लिखा कि वह तरनजीत सिंह संधू को दिल्ली की प्रगति और विकास के साथ-साथ वैश्विक संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए भी शुभकामनाएं देते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि संधू अपने अनुभव से नई जिम्मेदारी में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
कब संभाला पदभार
तरनजीत सिंह संधू ने 5 मार्च 2026 को दिल्ली के उपराज्यपाल का पदभार संभाला था। उनसे पहले इस पद पर Vinai Kumar Saxena कार्यरत थे। दिल्ली के उपराज्यपाल की नियुक्ति केंद्र सरकार द्वारा की जाती है और यह पद राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का संवैधानिक प्रमुख होता है।
कूटनीतिक करियर
तरनजीत सिंह संधू भारतीय विदेश सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी हैं और उन्हें एक अनुभवी राजनयिक माना जाता है। वह श्रीलंका में भारत के उच्चायुक्त रह चुके हैं और संयुक्त राज्य अमेरिका में भारत के 28वें राजदूत के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
अमेरिका में निभाई थी अहम भूमिका
उन्होंने 6 फरवरी 2020 से 31 जनवरी 2024 तक अमेरिका में भारत के राजदूत के रूप में कार्य किया और इस दौरान भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई। उनके कार्यकाल को द्विपक्षीय संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है।
पहले भी अमेरिका में हुई तैनाती
इससे पहले भी संधू अमेरिका में भारतीय दूतावास में काम कर चुके हैं। साल 1997 से 2000 के बीच वह वाशिंगटन डीसी में प्रथम सचिव (राजनीतिक) के पद पर तैनात थे। इस दौरान उन्होंने राजनीतिक मामलों को संभालने के साथ-साथ अमेरिकी कांग्रेस के साथ संपर्क बनाए रखने की जिम्मेदारी निभाई।
अंतरराष्ट्रीय अनुभव का लाभ
तरनजीत सिंह संधू का लंबा कूटनीतिक अनुभव और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम करने की पृष्ठभूमि उन्हें दिल्ली के उपराज्यपाल के रूप में एक मजबूत प्रशासक बनाती है। ऐसे में ट्रंप की ओर से मिली यह बधाई न केवल उनके व्यक्तिगत करियर, बल्कि भारत-अमेरिका संबंधों के संदर्भ में भी अहम मानी जा रही है।
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