मंगेशकर परिवार ने अपनी महान बहनों लता मंगेशकर और आशा भोसले की स्मृति में एक बड़ा कदम उठाने का फैसला किया है। उनके भाई हृदयनाथ मंगेशकर ने घोषणा की है कि दोनों के नाम पर एशिया का सबसे बड़ा अस्पताल बनाने की योजना पर काम चल रहा है। पहले यह प्रोजेक्ट केवल लता मंगेशकर के नाम पर प्रस्तावित था, लेकिन अब इसे ‘लता-आशा’ के नाम से विकसित किया जाएगा।
नाम और उद्देश्य पर विचार
इस महत्वाकांक्षी परियोजना का नाम ‘लता-आशा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज’ या ‘लता-आशा मंगेशकर आयुर्विद्या संस्थान’ रखा जा सकता है। हृदयनाथ मंगेशकर के अनुसार, इसके लिए बड़ी जमीन भी ली जा चुकी है और इसे सिर्फ एक अस्पताल नहीं, बल्कि सेवा और प्रेरणा का केंद्र बनाने की योजना है।
अस्पताल के साथ बनेगा म्यूजियम
इस परियोजना की खास बात यह है कि अस्पताल के साथ एक विशेष म्यूजियम भी बनाया जाएगा। इसमें लता मंगेशकर और आशा भोसले के संगीत सफर, उनके गानों, पुरस्कारों और यादगार पलों को प्रदर्शित किया जाएगा। साथ ही, यहां आने वाले लोग इंटरैक्टिव तरीके से संगीत सीख भी सकेंगे, जिससे नई पीढ़ी को भारतीय संगीत की विरासत से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
संगीत और सेवा का अनोखा संगम
परिवार का मानना है कि यह प्रोजेक्ट केवल एक इमारत नहीं, बल्कि एक भावना होगी, जहां इलाज और कला का अनोखा संगम देखने को मिलेगा। यह पहल आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करने के साथ-साथ समाज सेवा का भी बड़ा उदाहरण बनेगी।
आशा भोसले के निधन से शोक की लहर
हाल ही में दिग्गज गायिका आशा भोसले के निधन से पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई। 92 वर्ष की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके अंतिम संस्कार में कई फिल्मी और संगीत जगत के दिग्गज शामिल हुए और नम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि दी।
दोनों बहनों की अमर विरासत
लता मंगेशकर और आशा भोसले ने अपने करियर में हजारों गीतों से संगीत जगत को समृद्ध किया। जहां लता मंगेशकर के नाम 50,000 से अधिक गानों का रिकॉर्ड है, वहीं आशा भोसले ने 12,000 से ज्यादा गीत गाए। यह प्रस्तावित प्रोजेक्ट उनकी विरासत को नई पीढ़ियों तक पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।
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