दिल्ली(Delhi Metro) की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था देशभर में अपनी मजबूती और व्यापकता के लिए जानी जाती है। राजधानी के लगभग हर इलाके तक DTC बसों की पहुंच है और सड़कों पर बने अनेक फ्लाईओवर यातायात को सुचारु बनाए रखने में मदद करते हैं। इन सबके बीच विश्वस्तरीय मेट्रो नेटवर्क दिल्ली की लाइफलाइन बन चुका है।
अब इस व्यवस्था को और बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए इस साल दिल्ली मेट्रो के छह महत्वपूर्ण कॉरिडोर पूरे होने वाले हैं। इनके चालू होने से न सिर्फ शहर की कनेक्टिविटी मजबूत होगी, बल्कि ट्रैफिक जाम में कमी आएगी और प्रदूषण पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा।
CM रेखा गुप्ता ने की प्रगति की समीक्षा
हाल ही में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मेट्रो और उससे जुड़े सड़क व फ्लाईओवर प्रोजेक्ट्स की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक आधुनिक और प्रभावी परिवहन तंत्र विकसित करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। इस बैठक में दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
फिलहाल दिल्ली मेट्रो का नेटवर्क करीब 416 किलोमीटर तक फैल चुका है, जिसमें 303 स्टेशन और 12 लाइनें शामिल हैं। इसके साथ ही लगभग 104.45 किलोमीटर लंबा नया नेटवर्क निर्माणाधीन है। फेज-4 के प्रमुख कॉरिडोर पर तेजी से काम हो रहा है और अब तक करीब 79.57% निर्माण पूरा किया जा चुका है।
छह कॉरिडोर को पूरा करने का लक्ष्य
इस वर्ष जिन छह कॉरिडोर को पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है, वे शहर के अलग-अलग हिस्सों को जोड़ने में अहम भूमिका निभाएंगे। इनमें कृष्णा पार्क एक्सटेंशन से दीपाली चौक (6.6 किमी), माजलिस पार्क से डेरावल नगर (3.5 किमी), डेरावल नगर से आरके आश्रम (7.4 किमी), तुगलकाबाद से संगम विहार (6.3 किमी), संगम विहार से साकेत जी ब्लॉक (4.3 किमी) और साकेत जी ब्लॉक से एयरोसिटी (12.6 किमी) शामिल हैं।
इसके अलावा तीन अन्य नए कॉरिडोर-लाजपत नगर से साकेत जी ब्लॉक, इंदरलोक से इंद्रप्रस्थ और रिठाला से कुंडली—पर भी काम शुरू हो चुका है। इन परियोजनाओं को साल 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। मेट्रो विस्तार के साथ-साथ दिल्ली में कई फ्लाईओवर और सड़क परियोजनाएं भी तेजी से आगे बढ़ रही हैं।

