दिल्ली पुलिस(Delhi Police) की स्पेशल सेल ने कुख्यात हाशिम बाबा गैंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उसके दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक ऐसा शूटर भी शामिल है, जो पिछले करीब दो साल से पुलिस की पकड़ से बाहर था। गिरफ्तारी के दौरान आरोपियों के पास से दो लोडेड सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल और 11 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, पकड़े गए शूटर की पहचान शादाब अहमद उर्फ शादाब चप्पल (28) के रूप में हुई है, जो जाफराबाद इलाके का निवासी है। वह गैंगस्टर सुहैल चप्पल का रिश्तेदार बताया जा रहा है और लंबे समय से फरार चल रहा था। 11 अप्रैल की शाम स्पेशल सेल को उसकी सटीक लोकेशन की जानकारी मिली, जिसके बाद सिग्नेचर ब्रिज के पास गाड़ी मेंडू इलाके में जाल बिछाकर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। तलाशी के दौरान उसके पास से एक पिस्टल और पांच कारतूस मिले।
जांच में हुआ खुलासा
जांच में खुलासा हुआ है कि शादाब साल 2024 में सीलमपुर में हुए एक हत्या के मामले में वांछित था। आरोप है कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर चेनू गैंग से जुड़े दो लोगों पर खुलेआम गोलीबारी की थी, जिसमें अरबाज नाम के युवक की मौत हो गई थी। पुलिस का मानना है कि यह हमला जेल में हुए पुराने विवाद का बदला लेने के लिए किया गया था। इसके अलावा, वह एक अन्य हत्या के प्रयास के मामले में भी घोषित अपराधी था, क्योंकि वह अदालत में पेश नहीं हो रहा था।
इससे पहले 3 अप्रैल को स्पेशल सेल ने गैंग के एक अन्य सदस्य मोहम्मद आदी उर्फ आदिल उर्फ ताविस (24) को भी गिरफ्तार किया था। उसके पास से भी एक पिस्टल और छह जिंदा कारतूस बरामद हुए थे। जांच में सामने आया कि आदिल जेल में बंद गैंगस्टरों के लिए उगाही के संभावित टारगेट की पहचान करता था।
पुलिस ने फरार आरोपी को किया गिरफ्तार
वहीं एक अन्य मामले में दिल्ली पुलिस ने एक मुक्केबाज की हत्या के आरोप में फरार चल रहे एक आरोपी को भी गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान विकास दहिया (42) के रूप में हुई है, जो हरियाणा के सोनीपत का रहने वाला है और उसे चंडीगढ़ से पकड़ा गया। यह मामला सुरखपुर गांव में मुक्केबाज विकास डागर उर्फ भिंडा की हत्या से जुड़ा है। पुलिस के मुताबिक, यह वारदात पुरानी रंजिश का नतीजा थी। 30 जुलाई 2025 को आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से पीड़ित की गतिविधियों पर नजर रखी और मौका पाकर गोली मारकर उसकी हत्या कर दी।