Digital Arrest Scam: देश में लगातार बढ़ रहे ‘डिजिटल अरेस्ट’ के मामलों के बीच गुजरात के अहमदाबाद से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां 75 वर्षीय एक बुजुर्ग को ठगों ने 8 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट में रखकर 1.43 करोड़ रुपये की ठगी कर ली। आरोपियों ने खुद को सरकारी अधिकारी बताकर बुजुर्ग को डराया और धीरे-धीरे उनकी पूरी जमा-पूंजी हड़प ली।
पीड़ित ने दर्ज कराई शिकायत
पीड़ित ने इस मामले की शिकायत साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई है, जिसके बाद जांच शुरू कर दी गई है। जानकारी के अनुसार, 2 अप्रैल को बुजुर्ग को एक कॉल आया, जिसमें कॉल करने वाले ने खुद को Telecom Regulatory Authority of India (TRAI) का अधिकारी बताया। उसने दावा किया कि मुंबई में उनके आधार कार्ड से जुड़े एक मोबाइल नंबर का इस्तेमाल महिलाओं को अश्लील वीडियो भेजने के लिए किया गया है।
आरोपी ने बुजुर्ग को कैसे डराया
इसके बाद खुद को मुंबई साइबर क्राइम का जांच अधिकारी ‘विजय खन्ना’ बताने वाले व्यक्ति ने वीडियो कॉल किया। कॉल के दौरान आरोपी ने ‘प्रोटोकॉल’ का हवाला देकर अपना चेहरा छिपा रखा और केवल एजेंसी का लोगो दिखाया। उसने बुजुर्ग को और डराने के लिए उनके एटीएम कार्ड की जानकारी भी बताई और दावा किया कि उनका कार्ड एक बड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जब्त किए गए 247 एटीएम कार्डों में शामिल है।
डर और धमकी का बिछाया जाल
आरोपियों ने बुजुर्ग पर दो करोड़ रुपये के लेनदेन पर 10 प्रतिशत कमीशन लेने का झूठा आरोप लगाया और गिरफ्तारी की धमकी दी। इतना ही नहीं, व्हाट्सऐप पर फर्जी गिरफ्तारी पत्र भी भेजा गया। डर के माहौल में बुजुर्ग आरोपियों के निर्देशों का पालन करने लगे।
शेयर बेचकर ठगे 1.43 करोड़ रुपये
ठगों ने सबसे पहले बुजुर्ग से उनके बैंक खातों और निवेश से जुड़ी पूरी जानकारी ली। इसके बाद उनके शेयर बेचवाकर कुल 1.43 करोड़ रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करवा लिए। बैंक अधिकारियों को शक न हो, इसके लिए बुजुर्ग को यह कहने को कहा गया कि वह अपने ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले बेटे को पैसे भेज रहे हैं। इसके लिए उन्हें एक विदेशी नंबर भी दिया गया। 9 अप्रैल को बुजुर्ग ने पूरी रकम आरोपी ‘विजय खन्ना’ के नाम पर ट्रांसफर कर दी। पैसे मिलते ही आरोपियों के फोन बंद हो गए। इसके बाद जब संपर्क नहीं हुआ, तो बुजुर्ग ने अपने भतीजे को जानकारी दी, जिससे पता चला कि वह साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं।
मामले की जांच जारी
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, वीडियो कॉल या सरकारी एजेंसी के नाम पर आए संदेश पर बिना जांच भरोसा न करें और अपनी निजी व बैंकिंग जानकारी साझा करने से बचें।
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