हरियाणवी लोक संगीत जगत के लोकप्रिय गायक पेप्सी शर्मा के असामयिक निधन से उनके प्रशंसक गहरे सदमे में हैं। अपने लोकगीतों और रागिनी प्रस्तुतियों के लिए पहचाने जाने वाले पेप्सी शर्मा(Pepsi Sharma) का असली नाम यशपाल शर्मा था। वे महज 38 वर्ष के थे और अपने पीछे परिवार और दो छोटे बच्चों को छोड़ गए हैं।
परिजनों के मुताबिक, उनकी तबीयत अचानक खराब हुई थी जब उन्हें सीने में तेज दर्द की शिकायत महसूस हुई। इसी कारण उन्हें सबसे पहले नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद दवाएं देकर उन्हें घर भेज दिया था।
पहली जांच के बाद सामान्य समझकर लौटे घर
भाई ने बताया कि शुरुआती इलाज के बाद डॉक्टरों ने स्थिति को फिलहाल गंभीर नहीं माना था। दवा लेने के बाद पेप्सी शर्मा घर लौट आए थे और कुछ समय तक उन्होंने सामान्य दिनचर्या भी जारी रखी।
घर आने के बाद वो दोपहर में खेतों की तरफ गए और वहां ट्यूबवेल पर नहाकर घर आए। हालांकि, कुछ ही घंटों बाद उन्हें फिर से बेचैनी और सीने में दर्द महसूस होने लगा।
दूसरी बार डॉक्टर को दिखाने पर नहीं मिला आराम
शाम के समय जब दर्द बढ़ गया, तो वे दोबारा डॉक्टर के पास गए। इस बार भी उन्हें दवाइयां दी गईं और परिजनों को सलाह दी गई कि यदि स्थिति बिगड़े तो उन्हें बड़े अस्पताल में ले जाया जाए। इसके बाद वे घर लौट आए लेकिन उनकी तबीयत पूरी तरह से ठीक नहीं हो पाई।
खिचड़ी खाने के बाद बिगड़ी हालत
परिजनों ने बताया कि अस्पताल से लौटते समय पेप्सी शर्मा ने अपनी मां को फोन कर खिचड़ी बनाने को कहा था। घर पहुंचने के बाद उन्होंने शिकंजी पी और खिचड़ी खाई। लेकिन भोजन के दौरान अचानक उनकी हालत तेजी से बिगड़ने लगी।
परिवार ने बताया कि इसी दौरान उनके मुंह से झाग आने लगा जिससे सभी घबरा गए। स्थिति को गंभीर देखते हुए उन्हें तुरंत तीसरी बार अस्पताल ले जाया गया।
तीसरी बार अस्पताल में तोड़ा दम
तीसरी बार अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने तुरंत उपचार शुरू किया लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। इलाज के दौरान ही पेप्सी शर्मा ने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से परिवार और संगीत जगत में शोक की लहर फैल गई। पेप्सी शर्मा हरियाणवी रागिनी और स्टेज शो की दुनिया में एक जाना-पहचाना नाम थे।
उनकी प्रस्तुतियों में भारी भीड़ जुटती थी और दर्शक उनकी गायकी को बेहद पसंद करते थे। खासकर सपना चौधरी के साथ उनके मंचीय प्रदर्शन काफी चर्चित रहे थे। वे शादीशुदा थे और अपने पीछे एक 10 साल की बेटी और 7 साल का बेटा छोड़ गए हैं। परिवार के लिए यह नुकसान बेहद दुखद और अपूरणीय माना जा रहा है।