हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के विकास को नई दिशा देने वाली एयरपोर्ट विस्तार परियोजना अब जमीन पर उतरने लगी है। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रशासन ने प्रभावित परिवारों के पुनर्वास एवं पुनर्विस्थापन (R&R) योजना को मंजूरी दे दी है।
पहले चरण में 400 परिवारों को राहत
प्रशासन के अनुसार, इस परियोजना की जद में आने वाले 14 राजस्व गांवों में से पहले चरण में रछियालु गांव के करीब 400 परिवारों को शामिल किया गया है। इन परिवारों के लिए आर एंड आर अवार्ड तैयार कर लिए गए हैं और इसी सप्ताह से मुआवजा वितरण शुरू किया जाएगा।
रनवे बढ़ाकर 3010 मीटर होगा
करीब 150 हेक्टेयर भूमि पर फैली इस परियोजना के तहत कांगड़ा एयरपोर्ट के मौजूदा 1376 मीटर लंबे रनवे को बढ़ाकर 3010 मीटर किया जाएगा। इससे बड़े और आधुनिक विमान यहां सीधे लैंड कर सकेंगे, जिससे क्षेत्र की कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
पुनर्वास पैकेज में क्या मिलेगा?
प्रशासन ने प्रभावित परिवारों के लिए विस्तृत पैकेज तैयार किया है:
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प्रत्येक परिवार को 153.6 वर्ग मीटर जमीन
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नया घर बनाने के लिए ₹3 लाख की आर्थिक सहायता
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मकान की रजिस्ट्री पति-पत्नी के संयुक्त नाम पर
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स्टांप शुल्क और रजिस्ट्री का खर्च सरकार वहन करेगी
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37 लाख का वैकल्पिक विकल्प
जो परिवार सरकारी पैकेज नहीं लेना चाहते, उन्हें ₹37 लाख की एकमुश्त राशि लेने का विकल्प भी दिया गया है। हालांकि यह राशि लेने के बाद वे अन्य किसी लाभ के पात्र नहीं होंगे।
पारदर्शिता पर जोर
उपायुक्त हेमराज बैरवा ने कहा कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी, ताकि कोई भी पात्र परिवार लाभ से वंचित न रहे। विशेषज्ञों के अनुसार, इस विस्तार से धर्मशाला और मैकलोडगंज जैसे पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होगी। बड़े विमानों के संचालन से न सिर्फ पर्यटन बढ़ेगा, बल्कि निवेश और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
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