उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में सर्राफा कारोबारी से हुई सनसनीखेज लूट का पुलिस ने तेज कार्रवाई करते हुए खुलासा कर दिया है। 3 अप्रैल को गोपामऊ निवासी सर्वेश रस्तोगी और उनके बेटे गौरव रस्तोगी के साथ हुई इस वारदात के बाद पुलिस ने टड़ियावां क्षेत्र में मुठभेड़ के दौरान गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई में तीन बदमाशों के पैर में गोली लगी, जबकि एक अन्य आरोपी और दो किशोर भी पकड़े गए हैं।
लग्जरी शौक और दिखावे के लिए चुना अपराध का रास्ता
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी किसी दुश्मनी या मजबूरी में नहीं, बल्कि महंगे शौक पूरे करने के लिए अपराध की दुनिया में उतरे थे। सीतापुर के लहरपुर क्षेत्र के रहने वाले इन युवकों को महंगे मोबाइल फोन, तेज रफ्तार बाइक और रईसी दिखाने की आदत ने अपराध की ओर धकेल दिया। वारदात से पहले उन्होंने पूरी योजना बनाकर रेकी की थी, ताकि पुलिस से बचा जा सके।
मुठभेड़ के बाद बड़ी बरामदगी, 50 लाख के जेवर बरामद
पुलिस ने आरोपियों के पास से करीब 50 लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के आभूषण, नकदी, तीन तमंचे, कारतूस और वारदात में इस्तेमाल की गई दो मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। बरामद जेवरों में सोने के हार, चेन, अंगूठियां, पेंडल, मांगटीका, कुंडल, झुमके और चांदी की पायल, बिछिया व सिक्के शामिल हैं। पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने बताया कि गिरोह का एक सदस्य अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
बीयर की लत बनी गिरफ्तारी की वजह
इस मामले में एक चौंकाने वाला तथ्य यह भी सामने आया कि आरोपी बीयर पीने के आदी थे। घटना को अंजाम देने के बाद सभी अलग-अलग रास्तों से एक ढाबे पर पहुंचे और करीब एक घंटे तक बीयर पीते रहे। वहीं लगे सीसीटीवी कैमरों से पुलिस को अहम सुराग मिले, जिससे आरोपियों तक पहुंचना आसान हो गया।
इस तरह दिया वारदात को अंजाम
घटना के दिन सर्वेश रस्तोगी अपने बेटे के साथ दुकान बंद कर बाइक से घर लौट रहे थे। रास्ते में बाजारपुरवा के पास दो बाइक पर सवार छह बदमाशों ने उन्हें ओवरटेक कर रोक लिया और तमंचे के बल पर बैग लूटकर फरार हो गए। बैग में करीब डेढ़ लाख रुपये नकद और भारी मात्रा में जेवर रखे थे। घटना के बाद पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
पुलिस की कार्रवाई की हो रही सराहना
इस सफल ऑपरेशन के बाद हरदोई पुलिस की सराहना हो रही है। पुलिस अधीक्षक ने खुलासा करने वाली टीम को 25 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। वहीं पीड़ित परिवार ने अपनी संपत्ति वापस मिलने पर पुलिस का आभार जताया है। यह घटना युवाओं के लिए भी चेतावनी है कि गलत रास्ता अपनाने का अंजाम हमेशा बुरा ही होता है।

